US Presidential Veto Power : अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनाव के बाद राजनीतिक पारा चढ़ चुका है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट) दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस बड़ी राजनीतिक हलचल के बाद अमेरिकी राजनीति में अचानक वीटो (Veto) शब्द सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन गया है। चुनावी झटके के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर खास तस्वीर शेयर की। उन्होंने एक लाल रंग की MAGA (Make America Great Again) टोपी की फोटो पोस्ट की, जिस पर बड़े अक्षरों में Veto लिखा था। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने बिल्कुल साफ कर दिया है कि संसद से पास होने वाले किसी भी कानून को रोकने के लिए उनके पास राष्ट्रपति की वीटो शक्ति का मजबूत हथियार मौजूद है।

वे बेतुके कानून भेजेंगे और मैं वीटो कर दूंगा: ट्रंप

सत्ता के इस नए समीकरण पर बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ऐसा इतिहास में कई बार हो चुका है। यह वीटो की ताकत है, जो किसी भी राष्ट्रपति के पास मौजूद सबसे बड़ी शक्तियों में से एक है। ट्रंप ने कहा, वे संसद से बेहद बेतुकी और अजीब चीजें पास करके मेरे पास भेजेंगे और मैं उन पर सीधा वीटो लगा दूंगा। डेमोक्रेट्स ने ट्रंप की कम लोकप्रियता का पूरा फायदा उठाते हुए इस चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। इस जीत के बाद अब डेमोक्रेटिक पार्टी के पास ट्रंप के कार्यकाल के बाकी बचे दो सालों में उनके प्रशासन के हर फैसले और नीति पर कड़ी लगाम कसने का कानूनी अधिकार आ गया है।

चुनावी पंडित बनने की बात और एक नरम रुख

पार्टी को मिले इस बड़े झटके के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप बिल्कुल पीछे हटने के मूड में नजर नहीं आए। उन्होंने संसद में डेमोक्रेट्स के साथ कड़ा मुकाबला करने के पूरे संकेत दिए हैं। चुनावी नतीजों पर चुटकी लेते हुए ट्रंप ने हंसते हुए कहा कि उम्मीदवारों की जीत और हार की वजहों पर अब वे खुद एक पॉलिटिकल पंडित (विश्लेषक) बनने जा रहे हैं, जिसमें वे अपनी अच्छी और बुरी दोनों तरह की बातें सामने रखेंगे।

ट्रंप के रुख में आई नरमी

वैसे, दूसरी तरफ ट्रंप के रुख में नरमी भी देखने को मिली। उन्होंने द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में स्वीकार किया कि वे मध्यावधि चुनाव के इन नतीजों को स्वीकार करने और डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने कहा कि मैं इन नतीजों को स्वीकार करने के लिए तैयार हूं। हम डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करेंगे। उम्मीद करते हैं कि हम उनके साथ आगे बढ़ सकेंगे। हम आपसी सहमति से कोई-न-कोई रास्ता जरूर निकाल लेंगे। वैसे, चुनाव के शुरुआती रुझानों में जब डेमोक्रेट्स हाउस और सीनेट दोनों जगहों पर भारी बढ़त बना रहे थे, तब ट्रंप ने पार्टी की इस संभावित हार से खुद को पूरी तरह अलग दिखाने की कोशिश की थी।

क्या है अमेरिकी राष्ट्रपति की वीटो पावर?

अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद-1 और 2 के तहत राष्ट्रपति को अहम संवैधानिक अधिकार मिलता है। इसे वीटो पावर कहा जाता है। इसकी मदद से राष्ट्रपति संसद से पास किसी भी विधेयक को कानून बनने से रोक सकते हैं। ट्रंप ने अपने पिछले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान भी रक्षा बजट, ईरान सैन्य शक्तियों के प्रस्ताव और सीमा आपातकाल जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर नियमित वीटो का इस्तेमाल कर विधेयकों को खारिज किया था।

क्या वीटो को बदला जा सकता है?

अमेरिकी विधायी व्यवस्था के नियम के अनुसार राष्ट्रपति का वीटो पूरी तरह से अंतिम नहीं होता। अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदन दोबारा दो-तिहाई (2/3) बहुमत से उस विधेयक को फिर से पास कर देते हैं तो राष्ट्रपति का वीटो रद्द (निष्प्रभावी) हो जाता है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति के हस्ताक्षर न होने के बावजूद वह विधेयक अपने आप कानून बन जाता है। ऐसा वाकया ट्रंप के पिछले कार्यकाल में रक्षा विधेयक के मामले में पहले भी देखा जा चुका है।