इन दिनों महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। महिलाओं पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है और उस पर सरकार का रवैया भी सवालों के घेरे में हैं। हाल ही में दिल्ली के कालकाजी और जुमई में जो हुआ उसने सभी में आक्रोश पैदा कर दिया। आरोपियों को सजा देने की जगह सरकार और छोटी सोच वाले लोग लड़कियों की ही गलती निकल रहे हैं और उनकी मॉरल पुलिसिंग कर रहे हैं। कोई लड़कियों के घर से बाहर निकलने तो कोई उनके कपड़ों पर सवाल उठा रहा है। इसी बीच हाल ही में मॉरल पुलिसिंग का शिकार हुईं एक्ट्रेस कृति सेनन ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है।
कृति सेनन ने पितृसत्ता के खिलाफ उठाई आवाज
कृति सेनन ने सोशल मीडिया पर इस मामले पर अपनी राय रखी। एक्ट्रेस ने उन सभी लोगों को जमकर लताड़ लगाई है, जो ऐसी वारदात के बाद आरोपी को छोड़ लड़की के किरदार पर ही दाग लगाते हैं। साथ ही लड़कियों को असॉल्ट से बचने के लिए पाबंदी में रहने की सलाह देते हैं। कृति सेनन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया है। इसमें लिखा है, 'दोस्तों, ये Men vs Women नहीं है। महिलाओं की ये लड़ाई पितृसत्तात्मक सोच वाले, औरतों से नफरत करने वाले मर्दों और ब्रेन वॉश हुईं उन महिलाओं से है जिन्हें लगता है पितृसत्ता ही संस्कार हैं।'
नाबालिग के रेप पर कृति का रिएक्शन
कृति सेनन ने अगले पोस्ट में कहा, 'हम कब महिलाओं को ये सिखाना बंद करेंगे कि असॉल्ट से कैसे "बचें" और पुरुषों को ये सिखाना शुरू करेंगे कि कैसे महिलाओं पर असॉल्ट न करें, उन्हें उत्पीड़ित, डराना-धमकाना या कंट्रोल न करें। एक नाबालिग लड़की का रेप होता है और ये पूछने के बजाय कि 'आखिर किस तरह का इंसान किसी बच्ची के साथ ऐसा कर सकता है?' हमें ऐसे लोग मिलते हैं जो पूछते हैं कि उस लड़की ने क्या पहना था, वो कहां थी, किसके साथ थी, वो बाहर क्यों थी या उसकी फैमिली ने उसे क्या करने दे रहा था।'
कृति सेनन का फूटा गुस्सा
कृति सेनन का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ। एक्ट्रेस ने आखिर में कहा, 'हमें और लेक्चर नहीं चाहिए कि महिलाओं को ज्यादा सावधान रहना चाहिए। हमें ऐसे पुरुष तैयार करने की जरूरत है जो खुद को दिखाने के लिए महिलाओं को कंट्रोल न करें। लड़कों को सिखाएं। पुरुषों को सिखाएं। सहमति के बारे में सिखाएं। इज्जत करना सिखाएं। जिम्मेदारी लेना सिखाएं और सीखने से इंकार करने वाले पुरुषों के बर्ताव के लिए महिलाओं को जिम्मेदार ठहराना बंद करें।'