Akhilesh Yadav PDA Yatra News : उत्तर प्रदेश में 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज है। इस कड़ी में समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज कांग्रेस के मजबूत गढ़ रायबरेली से अपनी पीडीए (PDA) रथयात्रा का बिगुल फूंक दिया। रायबरेली पहुंचे अखिलेश यादव ने सबसे पहले प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन किया। फिर गदा लहराकर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। रायबरेली सीमा पर सपा कार्यकर्ताओं ने दो बुलडोजर की मदद से उन पर 21 किलो की बड़ी माला पहनाकर उनका स्वागत किया। 1.5 करोड़ रुपए से मॉडिफाई की गई नौ साल पुरानी मर्सिडीज बस को इस पीडीए रथ का रूप दिया गया है। अत्याधुनिक सहूलियतों, मीटिंग हॉल, पैंट्री एवं हाइड्रोलिक लिफ्ट से लैस यह रथ अब 2027 के चुनाव तक पूरे उत्तर प्रदेश में घूमेगा।
एक तीर से साधे तीन सियासी निशाने
गांधी-नेहरू परिवार और कांग्रेस के अभेद्य किले माने जाने वाले रायबरेली से इस यात्रा की शुरुआत कर अखिलेश यादव ने एक साथ तीन बड़े राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश की है। रायबरेली में ओबीसी और दलित वर्ग के बड़े वोट बैंक को अपने पाले में लाने के लिए अखिलेश हरचंदपुर से सपा के ओबीसी विधायक राहुल लोधी और बछरावां से एससी वर्ग के विधायक श्याम सुंदर भारती के घर जा रहे हैं। हाल में समाजवादी छात्र सभा और एबीवीपी के बीच विवाद के दौरान पुलिस पर इन विधायकों से बदसलूकी के आरोप लगे थे। सपा प्रमुख ने इसे सीधा पीडीए के अपमान से जोड़कर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। वैसे, लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन की ओर से राहुल गांधी रायबरेली से सांसद चुने गए हैं, लेकिन जिले की 6 विधानसभा सीटों पर नजर डालें तो कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है। 2022 के चुनाव में सपा ने इनमें से 4 सीटें जीती थीं। वैसे, ऊंचाहार के विधायक मनोज पांडेय बाद में भाजपा में शामिल हो गए। 2 सीटें भाजपा के पास गईं। कांग्रेस के गढ़ से रथ यात्रा निकालकर सपा ने विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर सहयोगी दल पर मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक दबाव बनाने का दांव खेला है। डीजे की धुनों और नारेबाजी के बीच सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में इस यात्रा का मकसद सीधे तौर पर चुनावी मोड में उतरकर सपा के निचले स्तर के कार्यकर्ताओं में नया जोश भरना है।
पोस्टर वॉर और विरोधियों का हमला
अखिलेश यादव की इस यात्रा के शुरू होते रायबरेली की सड़कों पर पोस्टर वॉर भी शुरू हो गया। शहर में कई जगहों पर अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर लगाए गए, जिनमें उनके साथ आजम खान, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी की तस्वीरें छापी गई थीं। पोस्टरों पर "अखिलेश यादव वापस जाओ, अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश जैसे तीखे नारे लिखे नजर आए।
ओपी राजभर ने बोला हमला
यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर ने इस यात्रा पर करारा हमला बोला है। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश रायबरेली में गुंडागर्दी और अपराध को बढ़ावा देने जा रहे हैं। उन्होंने सपा जिलाध्यक्ष की तरफ से पुलिस अधिकारियों के साथ की गई बदसलूकी का जिक्र करते हुए कहा कि सपा प्रमुख अपने नेताओं की अभद्र हरकतों का समर्थन करने पहुंचे हैं। तमाम राजनीतिक घमासान, पोस्टर वॉर और बयानों के बीच अखिलेश यादव यह साफ कर चुके कि इंडिया गठबंधन 2027 में भी कायम रहेगा। वैसे, रायबरेली से शुरू हुई यह पीडीए रथयात्रा स्पष्ट संदेश देती है कि समाजवादी पार्टी यूपी के सियासी मैदान में बैकफुट पर रहने के बजाय फ्रंट-फुट पर खेलकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।