एशियाई गेम्स जो जापान के आइची प्रांत और नागोया शहर में चल रहा है, भारत उसमें शानदार प्रदर्शन कर रहा है। भारत ने 28 साल बाद मेडल जीता है। 1998 के बाद भारत ने अब जाकर ये मुकाम हासिल किया है। वेटलिफ्टिंग में भारत ने 1998 में मेडल जीता था, जो कर्णम मल्लेश्वरी ने हासिल किया था। 2026 में मीराबाई चानू ये वापिस दोहरा दिया है। मीराबाई चानू ने बुधवार को 49 kg वेट कैटेगरी में 198 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा मुकाम हासिल किया। मीराबाई चानू ने स्नेच में 87 और क्लीन एंड जर्क में 111 kg का वजन उठाकर ये सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। मीराबाई पहले भी ओलंपिक गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे जगहों पर मेडल जीत चुकी हैं। मीराबाई ने ये मुकाम 32 साल की उम्र में हासिल किया। 

मीराबाई का एशियाई गेम्स का सफर 

मीराबाई चानू ने एशियाई गेम्स 2014 में 19 साल की उम्र में डेब्यू किया था, जहां उन्होंने नौवां स्थान हासिल किया था। 2018 में मीराबाई चानू ने एशियाई गेम्स में हिस्सा नहीं लिया था। मीराबाई उस समय पीठ के दर्द से गुजर रही थीं। मीराबाई 2023 में मेडल के बहुत करीब थीं, जहां वो क्लीन एंड जर्क 117 kg उठाने में असमर्थ रही और चौथे स्थान पर बिना मेडल के अपने एशियाई गेम्स के सफर को खत्म किया। 2026 में मीराबाई का एशियाई गेम्स में मेडल जीतने का सपना पूरा हुआ।  

आज के दिन का चौथा मेडल 

भारत को एशियाई गेम्स में चौथे दिन चौथा मेडल मिला है। भारत ने पहले दो मेडल शॉटगन शूटिंग में जीत रखे थे। रायजा ढिल्लों, परिनाज धालीवाल और माहेश्वरी चौहान की महिला टीम 331 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रही। पुरुष इवेंट में अनंतजीत सिंह नारुका, मैराज अहमद खान और भवतेघ सिंह गिल ने शूट-ऑफ में कजाकिस्तान को हराकर ब्रोंज मेडल जीता। 

मनु भाकर के साथ भारत भी मेडल से चूका 

भारत एशियाई गेम्स में 10 मीटर पिस्टल इवेंट में 5वें नंबर पर बना रहा। मनु भाकर ने फाइनल में 181.1 अंक हासिल किया। भारत इस इवेंट में बहुत ही कम अंक के अंतर से हार गया। भारत के तीन खिलाड़ियों ने कुल 1719 अंक जुटाए, जिसमें खिलाड़ी मनु, ईशा और सुरुचि ने मिलकर ये अंक हासिल किया। यह अंक तीसरी टीम के अंक के बराबर का अंक है। इसके बाद भी भारत ब्रोंज मेडल नहीं जीत पाया। जब दो टीम का स्कोर बराबर होता है, तो परफेक्ट 10 की गिनती के आधार पर विजेता का चयन होता है। वियतनाम के शूटर ने कुल 46 परफेक्ट 10 लगाए थे। भारतीय शूटर्स ने 44 परफेक्ट 10 ही लगाए। चीन ने 1735 अंकों के साथ गोल्ड और साउथ कोरिया ने 1730 पॉइंट्स के साथ सिल्वर जीता था।