Abhijeet Dipke News : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आज राज्य सरकार और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया। छत्रपति संभाजीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा। दीपके ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस का अपना गौरवशाली इतिहास रहा है। पूरी दुनिया में उसकी तुलना स्कॉटलैंड यार्ड से की जाती रही है। मगर, बेहद दुख की बात है कि अब वही पुलिस प्रदर्शनकारियों को नोटिस थमाकर उनका मनोबल तोड़ने में लगी है। फडणवीस राज्य में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शैली की नकल करने की कोशिश कर रहे, पर उन्हें समझना होगा कि यह महाराष्ट्र की धरती है।
चंद्रपुर पुलिस के नोटिस पर उठाए गंभीर सवाल
अभिजीत दीपके ने चंद्रपुर पुलिस द्वारा उनकी पार्टी कार्यकर्ताओं को दिए गए नोटिस पर तीखी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं से 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आंदोलन में शामिल न होने के लिए कहा है। साथ ही पुलिस ने यह अजीबोगरीब सवाल पूछा है कि उनके दिल्ली जाने के टिकट और यात्रा का खर्च कौन उठा रहा है। दीपके ने सवाल खड़ा किया कि क्या कोई आम नागरिक अपनी यात्रा के लिए एक-डेढ़ हजार रुपए का टिकट भी नहीं खरीद सकता? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन पहले से यह मानकर चल रहा कि आंदोलन हिंसक होगा। उन्होंने पूछा कि क्या पुलिस के पास ऐसी कोई भविष्यवाणी की शक्ति है या उन्होंने खुद ही कोई साजिश रच रखी है? कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से रोकने को उन्होंने सरासर तानाशाही करार दिया।
एक देश-एक चुनाव पर तंज
सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला बोलते हुए CJP प्रमुख ने कहा कि एक देश-एक चुनाव का नारा असल में 'एक देश-एक राजनीतिक दल की सोच को थोपने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महात्मा गांधी और डॉ. बीआर आंबेडकर के विचारों पर चलती है, जिसे सरकार और प्रशासन हिंसा से जोड़कर देख रहा। इससे पहले 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में रैली में दीपके ने ऐलान किया था कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा राष्ट्रीय प्रदर्शन किया जाएगा।
मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर आयोग के खिलाफ मोर्चा
विपक्षी दलों और सीजेपी ने SIR में भारी गड़बड़ियों और चुनाव आयोग के सदस्यों के बीच मतभेदों का मुद्दा उठाकर यह अभियान छेड़ा है। वैसे, आयोग ने आंतरिक कलह की खबरों को खारिज करते हुए दावा किया है कि मतदाता सूची से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। इसके बावजूद सीजेपी 10 अक्टूबर को दिल्ली में अपनी मांग को लेकर टिके रहने के मूड में नजर आ रही है।