मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों का विरोध प्रदर्शन देश के कई हिस्सों में देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। दिल्ली में INDIA ब्लॉक के नेताओं ने चुनाव आयोग की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसके बाद कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। बिहार में भी विपक्षी दलों ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कई नेता हिरासत में
दिल्ली में राहुल गांधी समेत INDIA ब्लॉक के कई सांसद और नेता चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका और कई लोगों को हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें। विपक्षी दल एसआईआर की प्रक्रिया और मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है और उसका कहना है कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है।
बिहार में ब्लॉक स्तर तक प्रदर्शन
बिहार में आरजेडी, कांग्रेस, वीआईपी और वाम दलों से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के सभी 534 प्रखंड मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। कुछ जगहों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी नारेबाजी और पुतला प्रदर्शन किया गया।
SIR को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों की ओर से लगातार आपत्तियां सामने आ रही हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। वहीं चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची से डुप्लीकेट, मृत और अपात्र नामों को हटाना जरूरी है। आयोग ने यह भी कहा है कि पात्र मतदाताओं को अपने नाम को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया जा रहा है।
देशभर में आंदोलन तेज करने की तैयारी
दिल्ली और बिहार के अलावा मुंबई समेत कई शहरों में भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हो चुके हैं। कुछ छात्र संगठनों और युवा समूहों ने आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही है। कॉकरोच जनता पार्टी और कुछ छात्र संगठनों ने 10 अक्टूबर को बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है। उनकी मांगों में एसआईआर पर रोक, मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों की स्वतंत्र जांच और चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव जैसी मांगें शामिल हैं।
चुनाव आयोग पर विपक्ष के लगातार सवाल
विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े फैसलों में अधिक पारदर्शिता होनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर INDIA ब्लॉक ने भी संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाया है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ बीजेपी विपक्ष के आरोपों को खारिज करते रहे हैं। आयोग का कहना है कि एसआईआर चुनावी सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया है, जबकि विपक्ष इसे लेकर अलग राय रखता है।
दिल्ली में पहले भी हो चुका है टकराव
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी हैं। दिल्ली में इससे पहले भी जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन हुए, जिनमें पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया था। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद राजधानी में सुरक्षा बढ़ाई गई थी। पुलिस का कहना था कि कई प्रदर्शनों के लिए अनुमति नहीं ली गई थी, जबकि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अपने अधिकार का हवाला देते रहे हैं।