दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की महारैली के बीच राजधानी के कारोबार पर असर पड़ने का दावा किया गया है। व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चौथा पत्र लिखकर कहा है कि रैली के कारण रामलीला मैदान के आसपास के बाजारों में करीब 2.5 लाख दुकानें बंद हैं। संगठन के मुताबिक, इससे लगभग 80 फीसदी कारोबार प्रभावित हुआ है। CTI का दावा है कि रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में करीब तीन लाख दुकानें हैं। इनमें से लगभग 2.5 लाख दुकानें बंद रहने की आशंका है। संगठन ने यह भी कहा कि रैली के चलते मैदान के 10 किलोमीटर के दायरे में माल ढुलाई और ट्रांसपोर्ट गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

राहुल गांधी ने की थी बाजारों में खरीदारी की अपील
रैली से पहले राहुल गांधी ने दिल्ली आने वाले लोगों से स्थानीय दुकानदारों का समर्थन करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन और मार्च में शामिल होने के साथ लोग दिल्ली के बाजारों में खरीदारी भी करें, ताकि त्योहार के इस मौसम में कारोबारियों को फायदा हो। CTI ने राहुल गांधी की इस अपील का स्वागत किया, लेकिन संगठन का कहना है कि रैली को लेकर लोगों में ट्रैफिक और भीड़ की आशंका के कारण डर है। ऐसे में दुकानें बंद रहने पर रैली में आने वाले लोग खरीदारी कहां करेंगे।
20 से ज्यादा बाजारों पर असर की आशंका
CTI के मुताबिक, रामलीला मैदान के आसपास चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, भागीरथ पैलेस, नया बाजार, दरियागंज, पहाड़गंज, कनॉट प्लेस, जनपथ, पालिका बाजार और जामा मस्जिद समेत कई बड़े बाजार हैं। संगठन का कहना है कि इन बाजारों में रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक आसपास के शहरों से खरीदारी करने आते हैं। रैली और ट्रैफिक प्रतिबंधों के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम होने की आशंका है।
दिवाली के कारोबार पर 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का जोखिम
CTI ने कहा कि दिवाली और धनतेरस से पहले बाजारों में खरीदारी का अहम समय है। संगठन के मुताबिक, करीब 20 से 22 बड़े थोक और खुदरा बाजारों में रोजाना 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है। रैली के कारण व्यापार और माल की आवाजाही प्रभावित होने से इस कारोबार पर असर पड़ सकता है। व्यापारियों ने यह भी चिंता जताई कि रामलीला मैदान के आसपास पार्किंग की सीमित व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में बसों और अन्य वाहनों को खड़ा करना मुश्किल होगा। इससे सेंट्रल दिल्ली और पुरानी दिल्ली के बाजारों तक पहुंचने वाले रास्तों पर दबाव बढ़ सकता है।
CTI बोला- हम किसी पार्टी के पक्ष या विपक्ष में नहीं
CTI ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि संगठन किसी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध नहीं कर रहा है। उसका कहना है कि व्यापारी केवल त्योहार के समय अपने कारोबार और आजीविका को लेकर चिंतित हैं। संगठन ने राहुल गांधी से बाजारों तक ग्राहकों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही बनाए रखने की अपील की है।