प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थीं। इस मौके पर उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को आगे बढ़ाने में चिराग के प्रयासों की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि चिराग इस क्षेत्र में भारत को नई पहचान दिलाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना भी की।
खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने पर जोर
चिराग पासवान केंद्र सरकार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस क्षेत्र का उद्देश्य कृषि उत्पादों को बेहतर तरीके से संरक्षित करना, उनकी गुणवत्ता और उपयोगिता बढ़ाना तथा किसानों को बाजार से जोड़ना है। खाद्य प्रसंस्करण से फल, सब्जियों और दूसरे कृषि उत्पादों की बर्बादी कम करने के साथ उनके मूल्य में भी बढ़ोतरी की संभावना रहती है। पीएम मोदी ने चिराग के काम की सराहना करते हुए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत बनाने में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया था।
किसानों की आमदनी और ग्रामीण रोजगार से जुड़ा है यह क्षेत्र
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही भंडारण, पैकेजिंग, परिवहन और प्रसंस्करण से जुड़े कारोबार में रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं। चिराग पासवान ने अक्टूबर 2026 में भी खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा था कि यह किसानों की आय मजबूत करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर पैदा करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने तकनीक और नवाचार को गांवों तथा किसानों के करीब पहुंचाने की जरूरत भी बताई थी।
PMFME योजना से छोटे उद्यमों को मिल रहा प्रोत्साहन
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) चला रही है। इस योजना के तहत छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ने में मदद देने का लक्ष्य है।प्रधानमंत्री मोदी ने जुलाई 2026 में चिराग पासवान के एक लेख को साझा करते हुए कहा था कि सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा दे रहा है। इससे स्थानीय उत्पादकों को अपने कारोबार को औपचारिक रूप देने और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का विस्तार किसानों, छोटे कारोबारियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है। सरकार की योजनाओं और इस क्षेत्र में निवेश के जरिए कृषि उत्पादों को अधिक मूल्यवान बनाने तथा देश की खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।