Lucknow Murder News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज सुबह खौफनाक वारदात से दहल उठी। सआदतगंज थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े एक परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतकों में पिता, उनका बेटा और छोटा भाई शामिल हैं। पिता-बेटे ने मौके पर दम तोड़ दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान तीसरे व्यक्ति की मौत हो गई। यह पूरी घटना नौबस्ता के ब्राह्मण टोला इलाके की है, जहां पार्किंग और रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया।
जानिए कौन थे तीनों लोग
शिवाजी तिवारी (62 वर्ष) : यह सचिवालय से रिटायर्ड कर्मी थे। RSS के पूर्व जिला सर कार्यवाह थे।
शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभु : यह शिवाजी तिवारी के छोटे भाई थे, जो लखनऊ यूनिवर्सिटी में कार्यरत थे।
सुयश तिवारी (30 वर्ष) : शिवाजी के पुत्र, जिनका इलेक्ट्रिकल सामान का बिजनेस था। 5 दिसंबर को सुयश की शादी होने वाली थी।
कैसे अंजाम दी गई वारदात? (पूरी टाइमलाइन)
सोमवार सुबह 10:35 बजे शिवेंद्र तिवारी जब मॉर्निंग वॉक के लिए घर से बाहर निकल रहे थे, तभी पड़ोसियों से उनका विवाद शुरू हो गया। विवाद की मुख्य वजह चबूतरे के पास सुयश द्वारा कार खड़ी करना बताया जा रहा है। कहासुनी के दौरान आरोपी ऋषभ शुक्ला उनसे बहस करने लगा। शोर-शराबा सुन शिवाजी तिवारी अपने घर से बाहर आए। देखते ही देखते गुस्साए ऋषभ ने अपनी पिस्टल निकालकर शिवाजी और शिवेंद्र दोनों पर गोलियां चला दीं। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर जब सुयश अपने पिता और चाचा को बचाने के लिए सीढ़ियों से नीचे दौड़ा तो आरोपी ने उस पर भी फायरिंग कर दी। शिवाजी और सुयश की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। शिवेंद्र ने ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ा।
8 लोगों पर घेरकर हमले का आरोप
मृतक शिवेंद्र तिवारी की पत्नी रुचि तिवारी ने सआदतगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि जब उनके पति बाहर जा रहे थे, तभी पड़ोस में रहने वाले राजेश शुक्ला (टुन्नू बाबू), ऋषभ शुक्ला, गिरीश शुक्ला, दिनेश शुक्ला, मुन्ना बाबू और दिनेश कुमार की बेटियों-दिव्या, प्रिया व अदिति ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने उन्हें लाठी-डंडों और पत्थरों से पीटना शुरू कर दिया। जेठ शिवाजी और भतीजा सुयश बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उन तीनों को पकड़कर पीटा और फिर गोलियां मार दीं।
पड़ोसी की जुबानी और पुलिस की विफलता पर सवाल
स्थानीय निवासी अनूप सक्सेना ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच अक्सर बहस होती रहती थी। सोमवार सुबह जब फिर विवाद शुरू हुआ, तो उन्होंने बीच में टोकते हुए कहा कि सुबह-सुबह झगड़ा क्यों कर रहे हो। इस पर आरोपी ऋषभ ने चुनौती देते हुए कहा कि जाओ पुलिस को फोन मिलाओ। जब अनूप अपना मोबाइल लेने घर के अंदर गए, तभी 8 से 10 राउंड गोलियां चलने की आवाज आई। बाहर आकर देखा तो तीनों की लाशें फर्श पर पड़ी थीं। अनूप ने यह भी खुलासा किया कि कुछ समय पहले भी दोनों पक्षों में भारी विवाद हुआ था और मामला सआदतगंज थाने पहुंचा था। लेकिन, तब पुलिस ने इसे नगर निगम का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया था और कोई सख्त कदम नहीं उठाया था।
कौन है मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला और क्या थी रंजिश?
आपराधिक और सनकी रवैया : 30 वर्षीय मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अफसर था, लेकिन उसे नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका था।
शादी से चिढ़ : संघ कार्यकर्ता आनंद कुमार गुप्ता के अनुसार आरोपी का परिवार आपराधिक इतिहास वाला रहा और उसके चाचा भी पहले तड़ीपार हो चुके हैं। ऋषभ नहीं चाहता था कि सुयश की शादी हो, क्योंकि खुद उसके परिवार में किसी की शादी नहीं हुई थी।
विकास कार्यों का विरोध : पीड़ित परिवार के अनुसार इलाके के पार्षद अनुप कमल सार्वजनिक विकास कार्य करवा रहे थे। शिवाजी तिवारी का परिवार इस विकास कार्य का समर्थन कर रहा था, जबकि आरोपी पक्ष इसका लगातार विरोध कर रहा था। इसी को लेकर आरोपी उनसे पुरानी रंजिश रख रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई और मौके का हाल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से निरीक्षण किया। इलाके में तनाव को देखते हुए मौके पर 50 से 60 पुलिसकर्मियों की तैनात की गई है। पुलिस कमिश्नर ने पुष्टि की है कि मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को पिस्तौल के साथ हिरासत में ले लिया गया है। प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह पार्किंग और चबूतरे को लेकर हुआ पुराना विवाद ही सामने आ रहा है।