उत्तर प्रदेश के आगरा खंड शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए सोमवार को तीन मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग के दौरान सैंया में समाजवादी पार्टी और भाजपा के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। मतदान केंद्र के बाहर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और नारेबाजी हुई। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को वहां से हटाया।
प्रत्याशियों के पहुंचने पर बढ़ा विवाद
जानकारी के मुताबिक, भाजपा प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी अपने समर्थकों के साथ मतदान केंद्र की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल भी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे। केंद्र के बाहर दोनों दलों के समर्थकों के बीच बहस शुरू हो गई और नारेबाजी होने लगी। मौके पर मौजूद एसीपी श्वेता वर्मा और प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने स्थिति को संभाला। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर वहां से वापस भेज दिया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित हुई।
तीन बूथों पर कराया जा रहा दोबारा मतदान
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इस दौरान कुछ केंद्रों पर गड़बड़ी और बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए गए थे। सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने मतदान में अनियमितताओं की शिकायत की थी और संबंधित अधिकारियों के सामने साक्ष्य भी पेश किए थे। शिकायतों के बाद निर्वाचन आयोग ने तीन मतदान केंद्रों पर हुए मतदान को शून्य घोषित कर पुनर्मतदान कराने का निर्देश दिया। इसके तहत सोमवार को खेरागढ़ तहसील के बूथ नंबर 20, सैंया क्षेत्र पंचायत कार्यालय के बूथ नंबर 21 और फतेहाबाद क्षेत्र पंचायत कार्यालय के बूथ नंबर 26 पर दोबारा वोट डाले जा रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, अधिकारियों की निगरानी
पुनर्मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए तीनों केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। मतदान का समय सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है। निर्वाचन आयोग ने पहले मतदान में सामने आई कथित अनियमितताओं की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए हैं। आगरा में दोबारा मतदान के दौरान सैंया में हुआ विवाद चुनावी माहौल में तनाव को दर्शाता है। हालांकि, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मौके पर स्थिति संभाल ली गई।