दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजों के लिए आज सुबह 8 बजे से मतगणना जारी है। इस बार चुनाव में 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। अब सभी की नजरें चुनाव के अंतिम नतीजों पर टिकी हैं। अब सभी की नजरें मतगणना के नतीजों पर टिकी हैं। चार प्रमुख पदों—अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—के लिए ABVP, NSUI, AISA-SFI और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। शुरुआती रुझानों में अलग-अलग पदों पर अलग तस्वीर देखने को मिल रही है।
अध्यक्ष पद के लिए ABVP और NSUI आमने-सामने
अध्यक्ष पद के लिए ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। पहले राउंड के आंकड़ों के मुताबिक, यश डबास 1,503 वोटों के साथ बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि विजय शंकर मीणा को 1,191 वोट मिले हैं। हालांकि, अभी मतगणना के कई राउंड बाकी हैं। अध्यक्ष पद की दौड़ में AISA-SFI की अनन्या रतूड़ी समेत अन्य उम्मीदवार भी शामिल हैं। ऐसे में अंतिम नतीजे आने तक मुकाबले में बदलाव की संभावना बनी हुई है। सभी राउंड की गिनती पूरी होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे
उपाध्यक्ष पद की शुरुआती गिनती में निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बढ़त बनाई। पहले राउंड में उन्हें 1,391 वोट मिले। वहीं ABVP की ईशू मौर्य को 865 और NSUI के वीर चतरथ को 242 वोट मिले। सचिव पद पर शुरुआती रुझानों में ABVP की रिया छावड़ी आगे रहीं। पहले राउंड में उन्हें 909 वोट मिले, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 450 वोट मिले। संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह और NSUI के गोपाल चौधरी के बीच मुकाबला है। पहले राउंड में लक्ष्य को 938 और गोपाल को 698 वोट मिले। निर्दलीय उम्मीदवार विशेष यादव 996 वोट के साथ आगे रहे।
52 केंद्रों की EVM से तय होगा परिणाम
DUSU चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान कराया गया था। मतदान समाप्त होने के बाद सभी 52 मतदान केंद्रों की EVM को निर्धारित मतगणना केंद्र तक पहुंचाया गया। शनिवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना शुरू हुई। दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव परिणामों के बाद जीत के जुलूस, ढोल-नगाड़े और अन्य तरह के सार्वजनिक जश्न पर रोक के निर्देश भी दिए हैं। कोर्ट ने चुनाव के दौरान हुई हिंसा और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों पर भी संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। फिलहाल मतगणना जारी है और अंतिम परिणाम घोषित नहीं हुए हैं। अलग-अलग राउंड की गिनती के साथ चारों पदों की स्थिति में बदलाव संभव है।
2,000 से ज्यादा जवान तैनात
DUSU चुनाव के लिए 1,000 EVM की व्यवस्था की गई थी। इनमें 960 मशीनों पर मतदान हुआ, जबकि 40 EVM को रिजर्व रखा गया था। शुक्रवार, 18 सितंबर को मतदान समाप्त होने के बाद सभी इस्तेमाल की गई मशीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना केंद्र तक पहुंचाया गया। मतगणना को लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। कैंपस और काउंटिंग सेंटर के आसपास 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री जवान तैनात हैं। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए काउंटिंग सेंटर के आसपास आवाजाही सीमित है। प्रशासन की कोशिश है कि मतगणना के दौरान किसी भी तरह की स्थिति से तुरंत और प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
ABVP ने पिछले साल जीते थे 3 पद
पिछले साल हुए DUSU चुनाव में ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर जीत दर्ज की थी, जबकि उपाध्यक्ष का पद NSUI के खाते में गया था। इस बार भी मुकाबला दिलचस्प है। चुनाव मैदान में ABVP के साथ कांग्रेस समर्थित NSUI और AISA-SFI के लेफ्ट गठबंधन के उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।