UP Rajyasabha Election News : राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने पूर्व सहयोगियों और नाराज चल रहे नेताओं को फिर से साधने का दांव चला है। मीडियाकर्मियों से बातचीत में अखिलेश यादव ने साफ संकेत दिया कि राजनीति में राज्यसभा चुनाव ऐसा मोड़ है, जहां पुरानी बातें भुलाकर नए सिरे से हाथ मिलाया जा सकता है। जो लोग संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कायम रखना चाहते हैं, उनके लिए समाजवादी पार्टी का साथ देने का यह सही वक्त है।
'गिले-शिकवे भुलाकर अपनाने को हम तैयार'
अखिलेश यादव ने भटक चुके अपने पुराने साथियों से कहा कि वे फिर से वापस लौटना चाहते हैं तो सपा अपने सारे गिले-शिकवे भुलाकर उनके लिए दरवाजे खोलने को तैयार है। उन्होंने देश में बढ़ती महंगाई और पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने जैसे मुद्दों को उठाते हुए कहा कि मौजूदा दौर में सबको एक मंच पर आने की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने एक शर्त यह भी रख दी कि यह एकजुटता केवल सत्तारूढ़ बीजेपी को हराने के मकसद से होनी चाहिए।
बाढ़ की समस्या पर सरकार को घेरा
सपा अध्यक्ष ने राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के आसपास के इलाकों में बने बाढ़ जैसे हालात पर उत्तर प्रदेश सरकार को कड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे जलभराव की वजह से आम जनता के घरों के भीतर तक पानी भर चुका है और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सो रहा है। सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी योजना और नदियों की सफाई के नाम पर अरबों का बजट बहा दिया गया, लेकिन नदियां साफ हुईं न ही जनता को सहूलियत मिली। सारा पैसा हवा में उड़ गया।
मतभेदों को भुलाने की अपील
पूर्व सीएम ने आगामी चुनावी रणनीतियों पर चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि जिस पुराने मोर्चे ने विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी को कड़ी चुनौती दी थी, उसी मजबूत ताकत को आगे भी बरकरार रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने उस समय सबसे ज्यादा समर्थन दिया था, इसलिए अब उसी कारवां को आगे बढ़ाने का समय है। अखिलेश ने तमाम विपक्षी ताकतों से अपील की कि वे अपने व्यक्तिगत मतभेदों को दरकिनार करें और देश की लोकतांत्रिक नींव को मजबूत बनाने के लिए सपा का हाथ थामें।