UP Rajyasabha Election News : उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव में सभी प्रत्याशियों के बिना किसी विरोध के चुने जाने के पूरे आसार बन गए हैं। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आठ उम्मीदवारों ने अपना पर्चा भरा। मौके पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए बड़ा दावा किया कि सपा ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ही अपनी हार स्वीकार कर ली है।
उत्सवी माहौल में भाजपा प्रत्याशियों ने भरा पर्चा
आज नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले भाजपा के आठों उम्मीदवार लखनऊ स्थित प्रदेश पार्टी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने राज्य चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं प्रमुख नेताओं की उपस्थिति में समर्थकों के उत्साह और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच सभी प्रत्याशी विधान भवन पहुंचे और निर्वाचन अधिकारी अजीत वर्मा के समक्ष अपने पर्चे प्रस्तुत किए। निर्वाचन अधिकारी अजीत वर्मा के मुताबिक हर उम्मीदवार ने दो-दो सेट में पर्चे दाखिल किए और हर सेट पर प्रस्तावक के रूप में 10-10 विधायकों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
सपा का दांव और अखिलेश यादव का बयान
समाजवादी पार्टी की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी धनराज परिमल नाथवानी पहले ही अपना नामांकन कर चुके हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि सपा चुनाव को दिलचस्प बनाने के लिए तीसरा प्रत्याशी उतार सकती है, लेकिन सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब उनका पूरा ध्यान 3 सीटों पर न होकर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर है। अखिलेश यादव के इस बयान के बाद ही डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का यह दावा सामने आया कि सपा मैदान छोड़ने पर मजबूर हो चुकी है। अगर कोई नया मोड़ नहीं आता है तो 10 सीटों पर चुनाव मैदान में मौजूद सभी 10 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है।
सामाजिक समीकरण और 2027 की तैयारी
भाजपा ने इस बार सभी 8 उम्मीदवारों को नए चेहरों के रूप में उतारा है। इसके तहत केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी और बीएल वर्मा जैसे दिग्गजों को इस बार मौका नहीं दिया गया है। यूपी कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह को प्रत्याशी बनाकर पार्टी ने मजबूत संदेश दिया है।