उत्तर प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा ने नौवां नामांकन पत्र खरीद लिया है, जबकि पार्टी ने अभी अपने प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। मौजूदा विधानसभा संख्या बल के हिसाब से भाजपा के सात और समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवारों की जीत की स्थिति बनती है, ऐसे में नौवां पर्चा खरीदने से मुकाबले को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं। दूसरी ओर सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी को उम्मीदवार बनाया है और दोनों नामांकन दाखिल कर चुके हैं। सपा की ओर से तीसरा प्रत्याशी उतारने की संभावना भी बनी हुई है।

10 सीटों पर होना है चुनाव

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर को होगा। नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक पर्चा दाखिल कर सकते हैं। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान के बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी।

भाजपा ने पहले आठ, अब नौवां पर्चा खरीदा

भाजपा ने 29 सितंबर को आठ नामांकन पत्र खरीदे थे। इसके बाद पार्टी की ओर से नौवां पर्चा भी ले लिया गया। पार्टी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि नौवें उम्मीदवार के तौर पर किसे मैदान में उतारा जाएगा। नौवें नामांकन पत्र के बाद यूपी की 10 सीटों का चुनाव निर्विरोध होने के बजाय मुकाबले की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है, हालांकि अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों के नाम और नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

सपा के दो उम्मीदवारों ने भरा पर्चा

समाजवादी पार्टी ने वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और उद्योगपति धनराज नथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। दोनों नामांकन दाखिल कर चुके हैं। सपा की ओर से तीसरे उम्मीदवार को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पार्टी नेतृत्व ने संख्या बल जुटने की स्थिति में तीसरा प्रत्याशी उतारने के संकेत दिए हैं।

एक सीट के लिए बन सकता है मुकाबला

राज्यसभा चुनाव के मौजूदा गणित में 10 सीटों में से सात पर भाजपा और दो पर सपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। ऐसे में दसवीं सीट को लेकर दोनों खेमों के बीच मुकाबले की संभावना बन रही है। तीसरा उम्मीदवार उतारने की स्थिति में सपा को अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाना होगा। वहीं भाजपा के नौवें पर्चे ने इस सीट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और बढ़ा दी हैं।

विधायकों को साधने की कोशिशें तेज

राज्यसभा चुनाव में संभावित मुकाबले के बीच भाजपा और सपा दोनों अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों दलों की नजर दूसरे खेमे के विधायकों पर भी है। यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा के कई विधायकों के संपर्क में होने का दावा किया है, जबकि सपा की ओर से भी एनडीए के कुछ विधायकों के संपर्क में होने के दावे किए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।