राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अभी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन चल रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली पुलिस मुस्तैद है। साथ ही सरकार ने अर्धसैनिक बलों के करीब 35 हजार जवानों को तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की 300 से अधिक महिला पुलिसकर्मियों को भी दिल्ली भेजा गया है। अलग-अलग जिलों से महिला सिपाहियों की टीमें दिल्ली पुलिस की सहायता करेंगी। अधिकारियों ने उन्हें जरूरी पहचान पत्र और भीड़ नियंत्रण में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के साथ ड्यूटी पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। 

अलग-अलग जिलों से भेजी गईं महिला पुलिसकर्मी

उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी कानून-व्यवस्था कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, विभिन्न जिलों से 25-25 महिला पुलिसकर्मियों को दिल्ली भेजने को कहा गया है। प्रत्येक टीम के साथ एक महिला निरीक्षक या उपनिरीक्षक प्रभारी के तौर पर रहेंगी। इसके अलावा, टीम में एक पुरुष निरीक्षक भी शामिल होगा। इन पुलिसकर्मियों को दिल्ली पुलिस के साथ तालमेल बनाकर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए उनकी तैनाती की गई है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान

CJP, कुछ छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रक्रिया तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों के विरोध में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की मांग उठाई गई है। दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए हैं। 

दिल्ली में कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था

प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। शहर को अलग-अलग सुरक्षा क्षेत्रों में बांटकर निगरानी की जा रही है। दिल्ली आने वाले रास्तों पर जांच और बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी की गई है, ताकि बिना अनुमति भीड़ के जुटने की आशंका को नियंत्रित किया जा सके। सुरक्षा योजना के तहत पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरों से लैस करने और महिला पुलिस बल की तैनाती पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान हालात पर नजर रखना और पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच किसी टकराव की स्थिति में घटनाओं का रिकॉर्ड रखना है। 

मेट्रो और रेल सेवाओं पर भी असर

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र मेट्रो स्टेशनों और रेल सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों से 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखने का फैसला किया है। यह प्रतिबंध 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से प्रभावी होकर 10 अक्टूबर की शाम 6 बजे तक लागू रहेगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सफर शुरू करने से पहले मेट्रो और रेलवे की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें। दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शन से जुड़ी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सार्वजनिक आवाजाही को सुरक्षित रखना है।