मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने को लेकर सोमवार सुबह तनाव बढ़ा। यह कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण के तहत की जा रही थी। जब प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची उसी दौरान भारी संख्या में लोग इकठ्ठा हो गए। विरोध के दौरान पुलिस और भीड़ के बीच झड़प हो गई। इस दौरान पुलिस पर पथराव किए जाने की भी जानकारी सामने आई, जिसके बाद स्थिति संभालने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया गया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान तैनात हैं। मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस के आला अधिकारी भी मौजूद हैं।

सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना 

विवाद उज्जैन के कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ी करने की योजना से जुड़ा है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत इस मार्ग की चौड़ाई बढ़ाकर 15 मीटर करने की योजना है। प्रशासन के मुताबिक शाही मस्जिद का ek हिस्सा प्रस्तावित सड़क के संरेखण में आ रहा है। इसी हिस्से को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार प्रभावित हिस्सा करीब 39.33 वर्ग मीटर बताया गया है।

रात से ही मस्जिद के पास जुटे थे लोग

कार्रवाई की सूचना के बाद रविवार रात से ही बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के आसपास जमा होने लगे थे। कई लोग पूरी रात मौके पर मौजूद रहे और प्रस्तावित कार्रवाई का विरोध किया। प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश भी हुई। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक एक समय पर प्रभावित हिस्से को समुदाय के लोग खुद हटाने पर सहमत हुए थे, लेकिन सोमवार सुबह कार्रवाई शुरू होने के दौरान फिर विरोध की स्थिति बन गई।

इलाके की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी 

सोमवार सुबह भीड़ और पुलिस आमने-सामने आ गई। रिपोर्टों के अनुसार कुछ लोगों की ओर से पुलिस पर पत्थर फेंके गए, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। मौके पर बैरिकेडिंग की गई है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कुछ रिपोर्टों में झड़प के दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी के घायल होने की भी जानकारी दी गई है।

2 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती

तनाव को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 2 हजार पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद हैं। इसके अलावा आरएएफ और अन्य सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई है। मस्जिद के आसपास बैरिकेडिंग कर आवाजाही पर नियंत्रण रखा जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि स्थिति को आसपास के इलाकों में फैलने से रोका जा सके।

मस्जिद कमेटी ने कोर्ट में दी चुनौती

शाही मस्जिद से जुड़े पक्ष ने सड़क चौड़ीकरण के लिए उसके हिस्से को हटाने के फैसले को अदालत में चुनौती दी है। 9 सितंबर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ की एकलपीठ ने संबंधित याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इसके बाद इस फैसले के खिलाफ अपील की गई। इस मामले पर सोमवार को हाईकोर्ट की युगलपीठ में सुनवाई होनी है। वहीं प्रशासन की ओर से सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई को तय प्रक्रिया के तहत बताया गया है।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियां जोरों पर 

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को देखते हुए सड़क और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने का काम चल रहा है। कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक का मार्ग भी इसी योजना का हिस्सा है। मस्जिद से जुड़े लोग धार्मिक स्थल को बचाते हुए सड़क चौड़ीकरण का विकल्प अपनाने की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि प्रस्तावित सड़क के रास्ते में आने वाले हिस्से को हटाना परियोजना का हिस्सा है। अब इस विवाद में हाईकोर्ट की सुनवाई अहम मानी जा रही है।