उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद निर्वाचन आयोग ने सख्त कदम उठाया है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने राज्यभर के वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटरों (VRC) पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटरों की ECINET पोर्टल लॉगिन आईडी तत्काल बंद करने का निर्देश दिया है। इस फैसले के तहत प्रदेश के 806 कंप्यूटर सहायकों की आईडी निष्क्रिय की जाएंगी। यह कार्रवाई पीलीभीत में वोटर रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी और लॉगिन क्रेडेंशियल के दुरुपयोग की शिकायतों के बाद की गई है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े काम में पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। 

पीलीभीत में 10,470 वोटर रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ी

जांच के मुताबिक, पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र में 31 मई से 29 अगस्त 2026 के बीच मतदाता विवरण में बदलाव के लिए 13,779 फॉर्म-8 आवेदन ECINET पोर्टल पर दर्ज किए गए थे। इनमें से 10,470 आवेदन मंजूर किए गए, लेकिन जांच में इन सभी स्वीकृत प्रविष्टियों में अनियमितताएं पाई गईं। जांच में यह भी सामने आया कि इन बदलावों से संबंधित जरूरी आवेदन और दस्तावेज कार्यालय के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं थे। मामले में संबंधित कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवाएं समाप्त करने और दो निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ERO) के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। 

प्रदेशभर के 806 कंप्यूटर सहायकों की आईडी होगी बंद

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटरों पर तैनात कंप्यूटर सहायकों की ECINET लॉगिन आईडी तत्काल निष्क्रिय करने को कहा है। संबंधित ERO को आईडी बंद होने की पुष्टि करनी होगी, जबकि जिला निर्वाचन अधिकारियों को सभी विधानसभा क्षेत्रों में इसकी जांच कर रिपोर्ट भेजनी होगी। निर्वाचन आयोग ने पीलीभीत मामले में कथित तौर पर शामिल आउटसोर्स कंप्यूटर सहायक की सेवाएं तत्काल समाप्त करने का निर्देश भी दिया है। अधिकारियों को साफ कहा गया है कि आदेश लागू करने में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

अब वोटर से जुड़े फॉर्म BLO करेंगे जमा

ECINET पोर्टल पर कंप्यूटर सहायकों की पहुंच खत्म करने का मकसद मतदाता सूची में दर्ज हर बदलाव की जिम्मेदारी तय करना है। अब संबंधित बूथ के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ही अपने क्षेत्र के मतदाताओं से जुड़े फॉर्म जमा करेंगे। आवेदन ऑनलाइन ECINET या BLO ऐप के जरिए भेजे जा सकेंगे। कागजी आवेदन मिलने पर उन्हें बाद में डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, पहले कई BLO को ऐप के इस्तेमाल का पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला था, इसलिए कंप्यूटर सहायकों को पोर्टल की पहुंच दी गई थी। अब अधिकांश BLO प्रशिक्षित हो चुके हैं, ऐसे में ऑपरेटरों की मदद की जरूरत कम हो गई है। ERO अपने लॉगिन के जरिए पोर्टल पर काम की निगरानी करते रहेंगे। 

आजमगढ़ में भी वोटर रिकॉर्ड को लेकर शिकायतें

पीलीभीत के अलावा आजमगढ़ में भी मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान पांच बूथों से जुड़े रिकॉर्ड में 10 अलग-अलग मतदाताओं के नाम के साथ विकास यादव का नाम दर्ज पाए जाने की बात सामने आई। निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े रिकॉर्ड की शुद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नियमों को और सख्ती से लागू किया जा रहा है।