ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा (Neha Bora) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के विरोध में होने वाले प्रदर्शन का स्थान बदल दिया गया है। अब यह प्रदर्शन जंतर-मंतर के बजाय दिल्ली हाट में आयोजित करने की बात कही गई। नई दिल्ली में पुलिस की कड़ी निगरानी और सुरक्षा इंतजामों के बीच नेहा बोरा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आज दिल्ली हाट ही जंतर-मंतर है! वहीं मिलते हैं!”

नेहा बोरा ने लोगों से की अपील

उन्होंने लोगों से विरोध प्रदर्शन में पहुंचने की अपील की। यह घोषणा ऐसे समय में हुई, जब पुलिस प्रदर्शन के आयोजकों और इसमें शामिल होने वाले लोगों पर सख्ती बरत रही थी। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के दौरान नेहा बोरा और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव को AIIMS के पास प्रदर्शनकारियों के साथ देखा गया। यह विरोध मतदाता सूची के SIR को लेकर किया जा रहा था। पुलिस ने प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए कई कदम उठाए थे। योगेंद्र यादव ने एक्स पर एक अन्य पोस्ट में प्रदर्शनकारियों के दिल्ली हाट से जंतर-मंतर की ओर जाने की बात कही। उन्होंने ‘SIR कैंसिल करो’ और ‘CEC इस्तीफा दें’ का स्लोगन भी लिखा।

पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं दी?

यह घटनाक्रम दिल्ली पुलिस की ओर से 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति खारिज किए जाने के बाद सामने आया। पुलिस ने फैसले के पीछे प्रदर्शन के लिए आवेदन देने में कम समय मिलने और सुरक्षा संबंधी कारणों का हवाला दिया। 

किन संगठनों ने बुलाया है प्रदर्शन?

यह विरोध कार्यक्रम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने विभिन्न छात्र संगठनों के साथ मिलकर आयोजित करने का आह्वान किया है। इसमें AISA, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) और AAP से जुड़े छात्र संगठन एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स शामिल हैं। इन संगठनों की मांग है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय की जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें।

पुलिस और अर्धसैनिक बलों की बढ़ी तैनाती

प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी के कई महत्वपूर्ण इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई। कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए और नई दिल्ली के कुछ हिस्सों में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह प्रदर्शन पिछले एक सप्ताह से मुख्य चुनाव आयुक्त और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों की अगली कड़ी है। इससे पहले जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिशों के दौरान नेहा बोरा सहित कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

प्रदर्शनकारी बोले- पाबंदियों के बावजूद जारी रहेगा आंदोलन

CJP और उसके साथ जुड़े छात्र संगठनों ने कहा है कि पुलिस की पाबंदियों के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा। संगठनों का कहना है कि वे चुनाव आयोग से जवाबदेही सुनिश्चित करने और मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया में कथित खामियों को दूर करने की मांग उठा रहे हैं।