Nagaland Liquor Deaths News : नागालैंड में शराब पीने से 19 लोगों की जान चली गई है। घटना के बाद प्रभावित परिवारों में कोहराम मचा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस के अनुसार यह हादसा पिछले दो दिनों के भीतर हुआ है। मोकोकचुंग जिले में 8 और तुएनसांग जिले में 11 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन सभी मौतों की मुख्य वजह अवैध व जहरीली शराब का सेवन है।

एसआईटी गठित

घटना की सूचना मिलते पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) वेसुप्रा केजो ने बताया कि शराब सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) आई. बुंगलांग चांग के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शराबबंदी वाले राज्यों में कानून क्रियान्वयन पर सवाल

नागालैंड में 1990 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद इतने लोगों तक जहरीली शराब पहुंचना प्रशासनिक चौकसी और कानून के सख्त क्रियान्वयन पर सीधे सवाल खड़े करता है। बता दें, शराबबंदी वाले राज्यों में यह पहली घटना नहीं है। बिहार में भी अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। मगर, वहां से भी ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं। पुलिस बयानों के अनुसार बिहार के पूर्वी चंपारण, सारण और पटना में शराब पीने से दर्जनों लोग जान गंवा चुके हैं। वर्ष 2022 में छपरा में हुई त्रासदी में 70 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। हाल में भी मिलावटी शराब से हुई मौतों ने प्रशासनिक दावों की पोल खोली है। नागालैंड और बिहार जैसी घटनाएं दर्शाती हैं कि केवल कागजों पर शराबबंदी का कानून बनाना काफी नहीं है। जब तक अवैध नेटवर्क और तस्करों पर नकेल नहीं कसी जाएगी, तब तक निर्दोष लोगों की जान का जोखिम बना रहेगा।