शनिवार (10 अक्टूबर) का दिन दिल्ली से लेकर मुंबई तक प्रदर्शन के नाम रहा। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के समर्थन में मुंबई में भी प्रदर्शन हुए। इस दौरान अभिनेता इमरान खान समेत 400 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बिना अनुमति जुटे प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए अगस्त क्रांति मैदान और शहर के अन्य इलाकों में कार्रवाई की।
इमरान खान को लिया हिरासत में
अगस्त क्रांति मैदान में पुलिस ने इससे पहले करीब 200 लोगों को हिरासत में लिया था। डिटेन किए गए लोगों में तुषार गांधी के संगठन ‘हम भारत के लोग’ के सदस्य और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के समर्थक शामिल थे। ये सभी CJP के प्रदर्शन के समर्थन में जुटे थे, लेकिन पुलिस से सभा करने की इजाजत नहीं थी। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया जारी थी। वहीं, दक्षिण मुंबई में हुतात्मा चौक के आसपास भी पुलिस ने कार्रवाई की। यहां प्रकाश अंबेडकर के नेतृत्व वाली वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के कार्यकर्ता CJP के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे, जिन्हें हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन में शामिल रुबैद भोजानी ने पुलिस पर कार्रवाई के दौरान कठोर रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि प्रदर्शनकारियों को बेहद सख्ती से हिरासत में लिया गया। भोजानी ने कहा कि लोगों ने प्रधानमंत्री को वोट दिया था, लेकिन उन्हें धोखा मिला। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए उनके इस्तीफे पर जोर दिया।
तुषार गांधी पर भी एक्शन
इससे पहले पुलिस ने महात्मा गांधी के परपोते और सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी को बांद्रा इलाके से हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें DN नगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। उनके समर्थन में थाने के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे भी वहां पहुंचे। ‘हम भारत के लोग’ संगठन का नेतृत्व करने वाले तुषार गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्टर साझा किया था। इसके जरिए उन्होंने नागरिकों से दोपहर 3:30 बजे अगस्त क्रांति मैदान में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। इसके अलावा, कार्यकर्ता फिरोज मिथिबोरवाला को भी उनके आवास से हिरासत में लेकर MIDC पुलिस स्टेशन पहुंचाया गया। मुंबई में हुई इन कार्रवाइयों के जरिए पुलिस ने बिना अनुमति आयोजित प्रदर्शनों को रोकने की कोशिश की, जबकि प्रदर्शनकारी CJP के आंदोलन के प्रति समर्थन जताने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाने के लिए सड़कों पर उतरे थे।