केरल के कोच्चि में रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में 54 वर्षीय स्कूटी सवार की मौत हो गई। आरोप है कि एक एडिशनल सेशन जज का 17 वर्षीय बेटा मर्सिडीज-बेंज चला रहा था, जिसने स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसा एर्नाकुलम जिले के चेरानेल्लूर इलाके में हुआ। पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दुकान बंद कर घर लौट रहे थे मृतक
मृतक की पहचान जयबालकृष्णन के रूप में हुई है, जो चित्तूर इलाके में खाने-पीने का स्टॉल चलाते थे। परिजनों के अनुसार, रविवार तड़के करीब 2 से 3 बजे दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौटते समय पीछे से आई एक मर्सिडीज ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। मृतक की भतीजी के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उस पर रखा सामान सड़क पर बिखर गया। हादसे में जयबालकृष्णन की मौके पर ही मौत हो गई।
जज के व्यवहार पर परिवार ने उठाए सवाल
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पुलिस स्टेशन में जज से नाबालिग बेटे को गाड़ी चलाने देने के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने कथित तौर पर अपमानजनक तरीके से बात की। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद कार को घटनास्थल से हटा दिया गया। ये आरोप परिजनों की ओर से लगाए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जरूरी साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, हादसे में शामिल मर्सिडीज-बेंज कार जज के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस ने नाबालिग चालक को हिरासत में लेकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। चालक की मेडिकल जांच कराने के साथ ही उसके रक्त के नमूने भी लिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच के आधार पर तय किया जाएगा कि मामले में अन्य गंभीर धाराएं जोड़ने की जरूरत है या नहीं। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और गवाहों के बयान भी खंगाल रही है।
नाबालिगों के वाहन चलाने पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने नाबालिगों के वाहन चलाने और अभिभावकों की जिम्मेदारी को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोटर वाहन कानून के तहत निर्धारित उम्र और वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना वाहन चलाना प्रतिबंधित है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार होगी।