Indian Navy News : पाकिस्तानी सीक्रेट एजेंट के जाल में फंसकर नौसेना के एक जवान पर देश की रक्षा से जुड़ी सीक्रेट जानकारी लीक करने का संगीन आरोप लगा है। मामला सामने आते ही आंध्र प्रदेश काउंटर इंटेलिजेंस (CI) की विशेष टीम ने तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर में छापेमारी कर आरोपी नाविक प्रदीप मुखर्जी को धर दबोचा।
कोयंबटूर के ट्रेनिंग सेंटर से पकड़ा गया
प्रदीप मुखर्जी कोयंबटूर के रेड फील्ड्स में मौजूद नेवल ट्रेनिंग सेंटर INS अग्रणी में विशेष कोर्स (मैनेजमेंट डेवलपमेंट) करने आए थे। शनिवार तड़के काउंटर इंटेलिजेंस की टीम INS अग्रणी परिसर पहुंची और आरोपी को कस्टडी में ले लिया। इस ऑपरेशन के बारे में पुलिस-प्रशासन को भी सूचित कर दिया गया था। इसके बाद जांच दल ने कोर्ट से आरोपी की ट्रांजिट रिमांड प्राप्त की और शनिवार देर शाम उसे पूछताछ के लिए विजयवाड़ा स्थित सीआई हेडक्वार्टर ले जाया गया।
ऑनलाइन हुई थी महिला एजेंट से बातचीत
रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ माह पूर्व सोशल मीडिया पर एक पाकिस्तानी महिला ने फर्जी प्रोफाइल के जरिए प्रदीप से बातचीत शुरू की थी। धीरे-धीरे उसने जवान को अपने झांसे में लिया और विशाखापट्टनम स्थित ईस्टर्न नेवल कमांड से जुड़ी अति-संवेदनशील जानकारियां जुटा लीं। जब जांच एजेंसियों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रदीप की संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक किया तो उस पर कड़ी निगरानी रखनी शुरू कर दी गई थी।
10 साल से सर्विस में था आरोपी
जांच से पता चला है कि प्रदीप 2014 में नौसेना में बतौर नाविक भर्ती हुआ था। उसकी मुख्य तैनाती विशाखापट्टनम में ईस्टर्न नेवल कमांड के तहत थी। वह महज हफ्ता भर पहले कोर्स के लिए कोयंबटूर पहुंचा था। शुरुआती पड़ताल में नौसैनिक जहाजों की मूवमेंट, वॉर स्ट्रैटेजी और ऑपरेशनल इनपुट्स लीक होने की बात सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह जांच रहीं कि कुल कितना डेटा ट्रांसफर हुआ है और क्या इसके बदले आरोपी को बैंक खातों या हवाला नेटवर्क के जरिए फंडिंग की गई थी।