दिल्ली के कुछ स्कूलों को बम की धमकी मिली है। सुरक्षा के तौर पर स्कूलों से स्टूडेंट्स और स्टाफ को बाहर निकाला गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस, बॉम्ब डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड, डॉग स्क्वाड और फायर डिपार्टमेंट की टीमें मौके पर पहुंची। जानकारी के हिसाब से, द ब्रिटिश स्कूल, संस्कृति स्कूल और सरदार पटेल विद्यालय समेत कई स्कूलों को धमकी वाले ई-मेल मिले हैं। स्कूलों की ओर से पुलिस को सुबह करीब 10:30 से 10:45 बजे के बीच सूचना दी गई। पुलिस और सिक्योरिटी टीम्स ने स्कूल परिसरों को खाली कराया। इसके बाद अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। फिलहाल किसी भी स्कूल से कोई सस्पीशियस ऑब्जेक्ट या एक्सप्लोसिव मिलने की जानकारी नहीं है।
स्कूलों में चला एंटी-सबोटाज चेक
धमकी को सीरियसली लेते हुए सिक्योरिटी टीम्स ने एंटी-सबोटाज चेक किया। बॉम्ब स्क्वाड ने स्कूल के सेंसिटिव एरियाज की जांच की। वहीं, डॉग स्क्वाड की मदद से भी पूरे परिसर को चेक किया गया। फायर डिपार्टमेंट की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं। स्कूल खाली कराने का फैसला किसी एक्सप्लोसिव के मिलने के बाद नहीं लिया गया। यह सिर्फ प्रीकॉशंस के तौर पर किया गया था। पुलिस अब धमकी वाले ई-मेल की टेक्निकल जांच कर रही है। ई-मेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन है, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
परीक्षा के बीच आया धमकी वाला मेल
इस पूरे मामले को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि कुछ स्कूलों में परीक्षा चल रही थी। सरदार पटेल विद्यालय ने पेरेंट्स को बताया कि स्टूडेंट्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। स्कूल के कुछ स्टूडेंट्स की परीक्षा पूरी हो चुकी थी। वहीं, सीनियर क्लासेज के कुछ पेपर्स बाकी थे। अब सिक्योरिटी सिचुएशन को देखते हुए आगे की परीक्षा को लेकर फैसला लिया जाएगा।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
दिल्ली में स्कूलों को बॉम्ब थ्रेट मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई स्कूलों को ई-मेल के जरिए ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं। फरवरी 2026 में आर्मी पब्लिक स्कूल, धौला कुआं और एयर फोर्स बाल भारती स्कूल समेत कई इंस्टीटूशन्स को बॉम्ब थ्रेट मिला था। उस समय भी बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। बाद में ये धमकियां फेक पाई गई थीं। मंगलवार को मिली धमकी के मामले में अभी तक किसी एक्सप्लोसिव की रिकवरी नहीं हुई है। हालांकि, पुलिस की फाइनल जांच पूरी होने तक इसे गंभीर सिक्योरिटी थ्रेट मानकर जांच की जा रही है। पुलिस ई-मेल के सोर्स और सेन्डर का पता लगाने में जुटी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि धमकी देने के पीछे क्या मोटिव था। जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि यह सिर्फ एक फेक थ्रेट था, या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी।