Protest against CEC Gyanesh Kumar : मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष का गुस्सा फूट पड़ा है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आज देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्य में कड़े तेवर दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनकी बर्खास्तगी की मांग उठाई। इस दौरान कई जगहों पर पुलिस के साथ धक्का-मुक्की, बैरिकेडिंग तोड़ने के प्रयास और पुतला दहन की घटनाएं सामने आईं।

उत्तर प्रदेश में दिखा भारी आक्रोश

लखनऊ : हजरतगंज क्षेत्र में समाजवादी युवजन सभा और छात्र नेताओं ने जमा होकर निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने CEC का पुतला दहन किया और पुलिस से नोकझोंक हुई। इसके अलावा लालबाग से निर्वाचन आयोग का घेराव करने निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जब पुलिस ने रोका तो दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली।

सहारनपुर : कांग्रेस कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विवादित पोस्टर लेकर कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़ रहे थे। पुलिस ने जब पोस्टर जब्त करने का प्रयास किया, तो मामला गरमा गया। तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की में कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप राणा समेत कई नेताओं के कपड़े फट गए।

आगरा : हरिपर्वत स्थित CEC के निजी निवास के बाहर कांग्रेस नेताओं द्वारा विवादित स्लोगन लिखे गए और मुख्य द्वार पर कालिख पोते जाने का मामला सामने आया। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से गेट को दोबारा पेंट कराया, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल शुरू की।

रायबरेली व अन्य शहर : रायबरेली में कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा निकाल कलेक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन किया। उन्नाव और मुरादाबाद में भी कार्यकर्ताओं ने रैलियां निकालीं और ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके।

दिल्ली, जयपुर, महाराष्ट्र और बिहार में भी प्रदर्शन

दिल्ली : भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्यों ने जंतर-मंतर रोड पर बैरिकेड्स लांघने का प्रयास करते हुए विरोध मार्च निकाला।

राजस्थान : जयपुर में शहीद स्मारक से राज्य निर्वाचन कार्यालय का घेराव करने जा रहे कांग्रेसियों पर पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ीं। इससे कार्यकर्ताओं और पुलिस बल के बीच हंगामे की स्थिति बन गई।

महाराष्ट्र : नासिक, पुणे और कोल्हापुर जैसे जिलों में मार्च निकाले गए। कोल्हापुर में आयोजित जिलास्तरीय आंदोलन में सांसद शाहू महाराज और वरिष्ठ नेता सतेज पाटील भी शामिल हुए।

बिहार : कांग्रेस के प्रदेश स्तर के नेता जितेंद्र नाथ के नेतृत्व में शेखपुरा में आजाद हिंद आश्रम से कलेक्ट्रेट तक विरोध जुलूस निकाला गया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनसभा में नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव पूर्व मतदाता सूचियों में मनमाने ढंग से नाम जोड़ने एवं घटाने की प्रक्रिया सत्ताधारी पार्टी को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

कांग्रेस का वैधानिक हमला और जयराम रमेश के आरोप

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा कि SIR की आड़ में नागरिकता तय करना चुनाव आयोग के संवैधानिक दायरे से बाहर है। सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया के हालिया बयान का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि नागरिकता का निर्धारण केवल नागरिकता कानून 1955 और संसद के संशोधनों के तहत ही संभव है। देश में लोकतंत्र की मजबूती का प्रथम कदम मुख्य चुनाव आयुक्त का त्यागपत्र ही है।

भाजपा और जेपी नड्डा का पलटवार

विपक्ष के लगातार हमलों पर केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन देश की लगातार होती प्रगति से निराश हैं। उनके आधारहीन आरोप तथ्यों के सामने बार-बार खारिज हो चुके हैं। जब विपक्ष के पास कोई नीति या विजन नहीं बचता तो वह अफवाह और अराजकता फैलाने की कोशिश करता है। भाजपा नेता ने कहा कि निर्वाचन आयोग पहले ही भ्रामक दावों पर वस्तुस्थिति साफ कर चुका है। उन्होंने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि झूठ को बार-बार दोहराने से वह सच में बदल नहीं जाता है। जनता विपक्ष की इस नकारात्मक राजनीति को समझ चुकी है।