प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आज से दो दिवसीय 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आगाज हो रहा है। इस सम्मिट में दुनिया की महाशक्तियां एक मंच पर दिखाई देंगी। चीन और रूस समेत ब्रिक्स के 11 स्थाई सदस्य और 10 पार्टनर देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। चौथी बार भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। ब्रिक्स की अध्यक्षता की थीम इस बार 'लचीलापन, नवाचार के लिए सहयोग और स्थिरता का निर्माण' रखी गई है। सम्मिट में देशों के पारस्परिक हितों, वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी। जिसमें ग्लोबल गवर्नेंस, मल्टीलेटरलिज्म, पश्चिम एशिया और यूक्रेन के संघर्षों पर भी विचार विमर्श होगा।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। शाम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते सुधारने पर चर्चा की जाएगी। शी जिनपिंग के भारत रवाना होने से पहले चीन की तरफ से बयान आया है कि भारत और चीन को अपने मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाना चाहिए तथा संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से आगे बढ़ाना चाहिए। अहम बात यह है कि 2019 में लद्दाख की गलवान घाटी में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुए संघर्ष के बाद शी जिनपिंग की यह पहली भारत यात्रा है। देश के 25 से ज्यादा शहरों में 350 से ज्यादा बैठकों का आयोजन किया गया है।