बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ से पैदा हुए हालात के बीच प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राजनीतिक दलों की ओर से आर्थिक सहयोग का सिलसिला शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी की बिहार इकाई ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये की सहायता राशि जमा कराई है। वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नितिन नबीन ने भी अपनी तीन महीने की सैलरी, करीब 6.35 लाख रुपये, राहत कोष में देने की घोषणा की है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने CM को सौंपा 51 लाख का चेक
बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर पार्टी की ओर से 51 लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए सौंपा। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। पार्टी की ओर से कहा गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, सामुदायिक रसोई और चिकित्सा सुविधाओं के साथ अन्य जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
नितिन नबीन ने दान की तीन महीने की सैलरी
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए राज्यसभा सांसद के तौर पर मिलने वाली तीन महीने की सैलरी मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर दी है। इसकी कुल राशि 6 लाख 35 हजार रुपये बताई गई है। नबीन के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ राहत शिविरों, कम्युनिटी किचन और मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। फसल को हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है, ताकि प्रभावित किसानों को आवश्यक सहायता दी जा सके।
BJP के जनप्रतिनिधि भी देंगे एक महीने का वेतन
बीजेपी बिहार इकाई ने अपने सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों से एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का फैसला किया है। पार्टी का कहना है कि जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने में सहयोग करेंगे।
चिराग पासवान और JDU ने भी किया ऐलान
बाढ़ राहत के लिए NDA के अन्य घटक दलों ने भी आर्थिक मदद की घोषणा की है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने पार्टी के सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों से एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की बात कही है। वहीं, JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी अपना एक महीने का वेतन राहत कोष में देने का ऐलान किया है। उन्होंने पार्टी के विधायकों से भी बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए एक महीने का वेतन दान करने की अपील की है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के जनप्रतिनिधियों की ओर से भी एक महीने का वेतन देने की घोषणा की गई है।
राहत कार्यों पर सरकार की नजर
नितिन नबीन के मुताबिक, बिहार सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात हैं। राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई के अलावा पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी की जा रही है। उनके अनुसार, अभी तक बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार 7,000 रुपये की दर से 550 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।