'बिग बॉस' में नॉमिनेशंस टास्क के दौरान सारी दोस्तियों की परीक्षा देखने को मिल जाती है। कौन सच में दोस्त है और कौन सिर्फ गेम के लिए रिश्ता बना रहा है, इस टास्क में सब कुछ क्लियर हो जाता है। ये भी कहा जा सकता है कि नॉमिनेशंस की प्रक्रिया में कंटेस्टेंट्स को रियलिटी चेक मिल जाता है। ऐसा ही कुछ अब आम्रपाली दुबे के साथ हुआ है। आम्रपाली दुबे को वैसे तो ग्रुप की 'अम्मा' कहा जाता है और ये भी अक्सर सुनने को मिलता है कि अगर आम्रपाली हट गई तो पूरा ग्रुप टूट जाएगा। हालांकि, नॉमिनेशन या फिर कैप्टेंसी की बात आती है तो आम्रपाली की सारी दोस्तियां धरी रह जाती हैं।  

आसिफ ने आम्रपाली को नॉमिनेशन में दिया धोखा?

हाल ही में हुए नॉमिनेशन टास्क में इसका नमूना देखने को मिला। माही विज ने आम्रपाली दुबे को बेघर करने के लिए नॉमिनेट किया था। आम्रपाली दुबे को माही ने लाल डेंजर वाली कुर्सी पर बिठाया और उनके कुछ दोस्तों को हरी (सुरक्षित) कुर्सी पर बिठा दिया। एक-एक कर सभी कंटेस्टेंट्स अपनी मर्जी से हरी और लाल कुर्सी के कंटेस्टेंट्स को स्विच कर रहे थे। जब आसिफ खान की बारी आई तो उन्होंने यंग को नॉमिनेशन से बचाकर काजी को नॉमिनेट कर दिया। अपने दूसरे मौके में उन्होंने उदिति और अर्शिफा को नॉमिनेट किया, जो पहले से ही लाल कुर्सी पर बैठी हुई थीं। आसिफ ने बस इन दोनों की लाल कुर्सी स्विच करवा दी। 

मौका मिलने पर भी दोस्तों ने आम्रपाली को नहीं बचाया 

आसिफ खान चाहते तो वो इस दौरान वो आम्रपाली दुबे को लाल कुर्सी से उठाकर हरी कुर्सी पर बिठा सकते थे, लेकिन उन्होंने आम्रपाली को नॉमिनेशन टास्क में प्रायोरिटी पर नहीं रखा। आम्रपाली ने इस पर कुछ कहा तो नहीं, लेकिन उनके चेहरे पर निराशा साफ झलक रही थी। आसिफ के अलावा स्काउट भी एक बार फिर आम्रपाली को इग्नोर करते हुए नजर आए। पिछले हफ्ते स्काउट ने आम्रपाली के सामने गिल्टी फील करने का ड्रामा किया था। कैप्टेंसी के दावेदारों में उन्होंने आम्रपाली दुबे का नाम नहीं लिया और इसके बाद उन्हें खुद इस बात का दुख हुआ था। स्काउट का कहना था कि वो घर में सबसे ज्यादा समय लव और आम्रपाली के साथ बिताते हैं और ऐसे में उन्हें आम्रपाली को कैप्टेंसी की दावेदारी देनी चाहिए थी।

स्काउट ने फिर आम्रपाली को प्रायोरिटी से हटाया 

वहीं, नॉमिनेशन टास्क में भी वो आम्रपाली को धोखा देते हुए दिखाई दिए हैं। स्काउट को भी 2 नॉमिनेशन के मौके मिले थे। उन्होंने आम्रपाली को बचाने की जगह अर्शिफा और मनीष को लाल कुर्सियों पर बिठाया, जो पहले से ही लाल कुर्सी पर थे। इसके बाद उन्होंने लव को नॉमिनेट कर सबको हैरान कर दिया और आसिफ को बचा लिया। ये देखकर आम्रपाली को अपनी अहमियत का एहसास हुआ। यंग के अलावा उनके किसी भी दोस्त ने उन्हें बचाने की कोशिश ही नहीं की और ऐसा लग रहा था जैसे किसी को भी खतरे में बैठी आम्रपाली नजर ही नहीं आ रही हैं।