उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच गोशालाओं में गोवंश की मौत की घटनाएं सामने आई हैं। जिले की अलग-अलग गोशालाओं में बड़ी संख्या में पशुओं के मरने की बात कही जा रही है। पशु प्रेमियों और स्थानीय लोगों का दावा है कि मृत गोवंश की संख्या 80 से अधिक है, जबकि जिला प्रशासन ने अब तक 29 मौतों की पुष्टि की है। बारिश के दौरान कई गोशालाओं में जलभराव होने और पशुओं के लंबे समय तक ठंडे पानी में रहने की बात सामने आई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और पशुपालन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की।

तीन गोशालाओं में मौत का दावा

म्याऊं ब्लॉक के अभिगांव, सालारपुर क्षेत्र के ब्यौर और समरेर ब्लॉक के मनिकापुर कौर की गोशालाओं में गोवंश की मौत की सूचना मिली है।पशु प्रेमियों की ओर से अभिगांव में करीब 55, मनिकापुर कौर में 10 और ब्यौर में 17 गोवंश की मौत का दावा किया गया है। वहीं प्रशासनिक आंकड़ों में अभिगांव में 20 और ब्यौर में नौ मौतों की पुष्टि की गई है। मनिकापुर कौर को लेकर भी अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। प्रशासन ने यहां एक गोवंश की मौत की जानकारी दी है।

बारिश और ठंड से बिगड़ी हालत

लगातार बारिश के कारण कुछ गोशालाओं में जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आई है। आरोप है कि कई पशु काफी देर तक बारिश और पानी के बीच खड़े रहने को मजबूर रहे। प्रशासन की शुरुआती जांच में कुछ मौतों की वजह हाइपोथर्मिया यानी शरीर का तापमान बहुत कम हो जाना बताई गई है। पूरे मामले में वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही स्पष्ट होने की बात कही गई है। अभिगांव की गोशाला में बड़ी संख्या में गोवंश के बीमार होने की जानकारी भी सामने आई है। पशुपालन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उपचार शुरू किया और बीमार पशुओं को जरूरी चिकित्सा दी।

शवों को दफनाने पर भी उठे सवाल

मामले के सामने आने के बाद कुछ पशु प्रेमियों और संगठनों ने गोशाला की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मृत गोवंश को जेसीबी की मदद से परिसर में ही दफना दिया गया और सभी मामलों में पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। मौतों की वास्तविक संख्या और पशुओं की मौत के कारणों को लेकर अभी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

डीएम ने गठित की जांच समिति

मामले को गंभीरता से लेते हुए बदायूं के जिलाधिकारी अवनीश राय ने जांच समिति गठित की है। समिति पूरे प्रकरण की जांच करेगी और गोशालाओं में व्यवस्थाओं की भी पड़ताल की जाएगी। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यदि जांच में किसी कर्मचारी, संस्था या गोशाला संचालक की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक अभिगांव से कुछ गोवंशों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इस घटना ने बारिश के दौरान गोशालाओं में जल निकासी, चारा-पानी और पशुओं को सुरक्षित रखने की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।