एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में चीकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने दक्षिण कोरिया को रोमांचक शूटआउट में हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में अपना आठवां स्वर्ण पदक जीता और लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए कंपाउंड मिक्स्ड टीम का कोटा भी हासिल कर लिया। आठवें गोल्ड के साथ भारत मेडल टेली में नौवें स्थान पर आ गया है। खबर लिखे जाने तक भारत के पास 8 गोल्ड, 21 सिल्वर, 27 ब्रॉन्ज मेडल है। भारत के पास कुल 56 मेडल हैं।
आखिरी तीर तक चला रोमांच
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच फाइनल मुकाबला बेहद करीबी रहा। निर्धारित चार चरणों के बाद दोनों टीमों का स्कोर 157-157 पर बराबर था। इसके बाद विजेता तय करने के लिए शूटआउट का सहारा लिया गया। शूटआउट में चीकिता ने 10 अंक हासिल किए, जबकि साहिल ने भी सटीक निशाना लगाते हुए 10 अंक जोड़े। दक्षिण कोरिया की ओर से पार्क जंगयून ने 10 अंक बनाए, लेकिन चोई योंगही का निशाना 9 अंक पर रुका। भारत ने 20-19 से शूटआउट जीतकर स्वर्ण पदक पक्का कर लिया।
शुरुआती चरण में जुटाए 40 अंक
भारतीय जोड़ी ने फाइनल की शुरुआत शानदार अंदाज में की। शुरुआती चरण में चीकिता और साहिल ने लगातार सटीक निशाने लगाए और भारत ने 40 अंक जुटाए। दक्षिण कोरिया 39 अंक ही हासिल कर सका। दूसरे चरण में भी भारतीय तीरंदाजों ने अपना दबदबा बनाए रखा। भारत ने फिर 40 अंक हासिल किए और मुकाबले में अपनी बढ़त 80-78 कर ली।
तीसरे चरण में कोरिया ने की वापसी
तीसरे चरण में भारतीय जोड़ी से कुछ निशाने चूके और दक्षिण कोरिया को वापसी का मौका मिल गया। कोरियाई टीम ने इस चरण में भारत से एक अंक ज्यादा हासिल किया और अंतर घटाकर सिर्फ एक अंक कर दिया। इसके बाद चौथे चरण में मुकाबला और भी रोमांचक हो गया। दक्षिण कोरिया ने 40 अंक का परफेक्ट स्कोर बनाया, लेकिन भारत ने भी 39 अंक जुटाकर कुल स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद मुकाबला शूटआउट तक पहुंचा।
चीकिता का दूसरा गोल्ड
चीकिता तनिपार्थी के लिए यह एशियन गेम्स में दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले वह ज्योति सुरेखा वेन्नम और पृथिका प्रदीप के साथ भारतीय महिला कंपाउंड टीम का हिस्सा थीं, जिसने चीन को हराकर गोल्ड जीता था। अब चीकिता ने साहिल जाधव के साथ मिलकर मिक्स्ड टीम में भी भारत को स्वर्ण दिलाया है। दोनों की इस जीत ने भारतीय तीरंदाजी के लिए एशियन गेम्स में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।
LA 2028 में कंपाउंड तीरंदाजी का होगा डेब्यू
इस जीत की अहमियत सिर्फ एशियन गेम्स के पदक तक सीमित नहीं है। कंपाउंड तीरंदाजी लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक में पहली बार शामिल होने जा रही है और एशियन गेम्स की कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा से एक ओलंपिक कोटा उपलब्ध था। चीकिता और साहिल की जीत के साथ भारत ने यह कोटा हासिल कर लिया है। यानी भारतीय कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने ओलंपिक में इस नए प्रारूप के पदार्पण से पहले ही अपनी जगह बनाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।