उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से तीन बार की विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने अजय राय की जगह ली है। वहीं सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता का पद भी बदलते हुए फरेंदा से विधायक चौधरी वीरेंद्र सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
2014 उपचुनाव से पहुंची विधानसभा
अजय राय अगस्त 2023 से यूपी कांग्रेस की कमान संभाल रहे थे। अब पार्टी ने संगठन में नेतृत्व परिवर्तन करते हुए आराधना मिश्रा को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। मिश्रा 2014 के उपचुनाव के जरिए पहली बार विधानसभा पहुंची थीं और इसके बाद 2017 तथा 2022 में भी रामपुर खास सीट से जीत दर्ज की। वह अब तक उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता थीं।
इमरान मसूद को बड़ी जिम्मेदारी
सहारनपुर के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय मसूद को प्रदेश संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका मिलने से पार्टी की नई टीम में क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व का विस्तार हुआ है। उनके साथ देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है।
नई टीम में सामाजिक प्रतिनिधित्व
कांग्रेस की नई व्यवस्था में अलग-अलग सामाजिक समूहों को संगठन में प्रमुख स्थान मिला है। आराधना मिश्रा ब्राह्मण समाज से आती हैं, जबकि इमरान मसूद मुस्लिम समुदाय के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। देवेंद्र निषाद को OBC और आलोक प्रसाद को दलित प्रतिनिधित्व से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह संयोजन कांग्रेस की सामाजिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा है।
महिला नेतृत्व पर भी जोर
आराधना मिश्रा की नियुक्ति का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस ने यूपी में किसी महिला को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। इससे पहले रीता बहुगुणा जोशी 2007 से 2012 तक यूपी कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रही थीं।
सपा के साथ तालमेल पर भी नजर
नई नियुक्तियों को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की संगठनात्मक तैयारी के संदर्भ में देखा जा रहा है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी INDIA गठबंधन के सहयोगी हैं और दोनों दलों के बीच आगामी चुनाव को लेकर सीटों के बंटवारे पर बातचीत अहम रहेगी। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों ने आराधना मिश्रा के सपा नेतृत्व के साथ संबंधों और इमरान मसूद की भूमिका को इस संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया है, सीट-बंटवारे पर अंतिम समझौता अभी सामने नहीं आया है।