मुजफ्फरनगर, 23 मई। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्कूलों और कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने के निर्णय का छात्रों, प्राचार्यों और शिक्षकों ने स्वागत किया है। श्रीराम कॉलेज की प्राचार्या प्रेरणा मित्तल ने बताया कि ड्रेस कोड से कई लाभ होते हैं। हमारे कॉलेज में शुरू से ही इसे लागू किया गया है, जिससे सभी छात्र समान दिखते हैं और इससे समानता का अहसास होता है। ड्रेस कोड से बच्चों में अनुशासन की भावना विकसित होती है।
प्रेरणा मित्तल ने आगे कहा कि यह नियम बच्चों को अनुशासन में रखने और समानता स्थापित करने के लिए बहुत उपयोगी है। सरकार का यह निर्णय सराहनीय है।
श्रीराम कॉलेज के डीन डॉ. विनीत कुमार शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला सराहनीय है। ड्रेस कोड के कारण बच्चों के बीच समानता का अनुभव बढ़ता है और अमीरी-गरीबी का भेद मिट जाता है। ड्रेस कोड से सुरक्षा का अहसास भी मजबूत होता है। हमने पहले ही छात्रों के हित में ड्रेस कोड लागू किया है।
कॉलेज की छात्रा ममता यादव ने कहा कि ड्रेस कोड के लागू होने से विद्यार्थियों के बीच भेदभाव की भावना नहीं रह जाती। मेरा मानना है कि हर स्कूल और कॉलेज में ड्रेस कोड होना चाहिए। एक छात्र ने कहा कि योगी सरकार ने ड्रेस कोड लागू करके सही कदम उठाया है, इससे स्कूलों और कॉलेजों में अनुशासन बढ़ेगा और अमीरी-गरीबी का भेद नहीं होगा।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा प्रणाली में गुणवत्ता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को बढ़ाने के लिए निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी संदर्भ में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश के अनुसार सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ड्रेस कोड का पालन अनिवार्य किया जाएगा।