World Cup के हीरो James Rodriguez की वापसी! 12 साल बाद फिर चमकेगा जादू?

World Cup के हीरो James Rodriguez की वापसी! 12 साल बाद फिर चमकेगा जादू?

नई दिल्ली, 21 मई। 28 जून, 2014 को फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण का एक रोमांचक मैच हुआ था। इस खेल में कोलंबिया ने उरुग्वे को 2-0 से हरा दिया था। इस जीत का श्रेय कोलंबिया के एक खास खिलाड़ी को दिया गया, जिसका नाम जेम्स रोड्रिगेज है। इस मैच में जेम्स ने एक अद्भुत गोल किया, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रातोंरात प्रसिद्ध बना दिया। रोड्रिगेज गोल पोस्ट से दूर थे और टीम को पहले गोल की तलाश थी। जब उन्हें एक शानदार पास मिला, तो उन्होंने गेंद को पहले अपनी छाती पर नियंत्रण में लिया और फिर एक शानदार वॉली से गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। उनका यह गोल इतना अद्भुत था कि विपक्षी टीम के गोलकीपर और कोच एक-दूसरे को देखते रह गए। इस गोल के लिए जेम्स को फीफा के 'पुस्कस' पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इस विश्व कप में रोड्रिगेज ने कुल छह गोल किए, जिसके चलते उन्हें 'गोल्डन बूट' भी मिला। उनकी इस एक करिश्माई गोल और विश्व कप में प्रदर्शन ने उन्हें वैश्विक स्तर पर एक स्टार बना दिया। वह 2002 के बाद से वर्ल्ड कप में पांच से अधिक गोल करने वाले रोनाल्डो के बाद दूसरे खिलाड़ी बने। रोड्रिगेज एक अटैकिंग मिडफील्डर हैं और उन्हें अपनी बेहतरीन पासिंग, ड्रिब्लिंग और बाएं पैर से गोल करने के लिए जाना जाता है।

अब 12 साल बाद, जेम्स रोड्रिगेज अगले फीफा वर्ल्ड कप 2026 में कोलंबिया की जर्सी में अपने उस शानदार प्रदर्शन को फिर से दोहराना चाहते हैं। 2024 में कोपा अमेरिका कप के दौरान, उन्होंने अपनी कप्तानी में कोलंबिया को 23 साल बाद फाइनल तक पहुंचाया था। इस टूर्नामेंट में रोड्रिगेज ने एक गोल के साथ-साथ छह असिस्ट भी किए थे। उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए उन्हें 'गोल्डन बॉल' से नवाजा गया और वह टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बने।

रोड्रिगेज ने अपने पेशेवर फुटबॉल करियर की शुरुआत कोलंबिया के एनविगाडो क्लब से की थी। इसके बाद वह अर्जेंटीना की बैनफील्ड टीम में शामिल हुए। फिर उन्होंने पोर्टो का दामन थामा और बाद में एएस मोनाको के लिए खेला। लेकिन, उनके करियर की सबसे बड़ी सफलता 2014 में रियल मैड्रिड में शामिल होने के बाद मिली। मैड्रिड के साथ रहते हुए, रोड्रिगेज दो बार यूईएफए चैंपियंस लीग का हिस्सा रहे।

इसके अलावा, स्पेन के इस क्लब के साथ रहते हुए उन्होंने फीफा क्लब वर्ल्ड कप का खिताब दो बार जीता। इसके बाद वह बायर्न म्यूनिख से जुड़े, जहां उन्होंने बुंडेसलीगा में सफलता हासिल की। पिछले विश्व कप में कोलंबिया क्वालिफाई करने में असफल रहा था, लेकिन इस बार टीम सबसे बड़े मंच पर शानदार प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी, और इसका काफी हद तक भरोसा कप्तान जेम्स रोड्रिगेज पर है।