वीकेंड यानी शनिवार और रविवार का इंतजार लगभग हर इंसान करता है। पूरे वीक काम में बिजी रहने और स्ट्रेस के बाद लोग चाहते हैं कि इन दो दिनों में अपने पार्टनर और बेटर हाफ के साथ अच्छा समय बिताएं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि जिस वीकेंड को खुशियों और आराम करने के लिए देखा जाता है वही वीकेंड छोटी-छोटी बहस और झगड़े में बदल जाता है। आखिरकार ऐसा क्यों होता है?

अलग टाइप के थॉट्स और प्लान्स 

दोनों पार्टनर अलग-अलग प्लान्स बनाते हैं। कुछ चाहते हैं कि वो घूमने जाएं, तो कुछ चाहते हैं कि वह घर पर आराम से चील करें और एन्जॉय करें। कोई घर पर खाना प्रेफर करता है तो कभी दूसरा पार्टनर चाहता है कि वो बाहर रेस्टोरेंट जाकर खाए। इस वजह से दोनों में आपसी मतभेद होने लगते हैं। धीरे-धीरे इसी वजह से दोनों में लड़ाई या बातचीत बंद होने जैसी चीजें सामने आती हैं।  

घर के काम करने का स्ट्रेस

पूरे हफ्ते ऑफिस का काम करने की वजह से घर के कुछ काम रह जाते हैं। काम पूरा करने का स्ट्रेस हमेशा रहता है। इस वजह से कपल्स के बीच काम न करने की वजह से बहस या नाराजगी हो जाती है। सफाई, खरीदारी, खाना बनाना और दूसरे घरेलू कामों को लेकर भी विवाद हो जाता है। अगर एक पार्टनर को लगता है कि वह घर के ज्यादातर काम कर रहा है और दूसरा उसकी मदद नहीं कर रहा, तो मन के तनाव बढ़ जाते हैं।

पैसों को लेकर दिक्कत 

वीकेंड पर बाहर घूमने, खाने या शॉपिंग में पैसे खर्च होते हैं। अगर दोनों की खर्च करने की आदत अलग हो, तो पैसों को लेकर झगड़ा हो सकता है। एक व्यक्ति खर्च करना चाहता है, जबकि दूसरा पैसे बचाना चाहता है।

बातचीत की कमी

पूरे हफ्ते बिजी रहने के कारण कपल्स एक-दूसरे को समय नहीं दे पाते। वीकेंड पर वे ज्यादा समय और ध्यान चाहते हैं। अगर पार्टनर मोबाइल में बिजी है, तो दूसरा खुद को नजरअंदाज महसूस कर सकता है। पुरानी नाराजगी भी इसी समय सामने आ सकती है।

झगड़ा कैसे करें कम?

कपल्स को वीकेंड से पहले अपने प्लान्स और खर्च के बारे में बात कर लेनी चाहिए। घर के काम भी मिलकर करने चाहिए। किसी बात पर नाराजगी हो तो गुस्सा करने के बजाय शांति से बात करना बेहतर है। एक-दूसरे की बात सुनना और फीलिंग्स को समझना रिश्ते को मजबूत बनाता है। वीकेंड को झगड़े के बजाय प्यार और सुकून के साथ बिताने की कोशिश करनी चाहिए।