गर्मी की चरम सीमा, WHO ने जारी की हीटवेव से बचाव की अहम सलाह

गर्मी की चरम सीमा, WHO ने जारी की हीटवेव से बचाव की अहम सलाह

नई दिल्ली, 22 मई। पूरे देश में गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अत्यधिक गर्म हवाएं, उमस और तेज धूप से नागरिकों की स्थिति गंभीर हो गई है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे जीवन यापन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इस स्थिति में केंद्र और राज्य प्रशासन लगातार स्वास्थ्य से जुड़ी सलाहें जारी कर रहे हैं। इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गर्मी से जुड़ी बीमारियों के लक्षणों और बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान की है।

संगठन ने नागरिकों को गर्मी के दौरान स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में सतर्क रहने की सलाह दी है। यदि हीटवेव के दौरान अस्वस्थता का अनुभव हो, तो तुरंत उचित सावधानी बरतें। गर्मी से संबंधित बीमारियों के प्रमुख लक्षणों जैसे चक्कर, थकान, घबराहट, तेज प्यास और पेट में दर्द महसूस होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना आवश्यक है। ये लक्षण शरीर में अत्यधिक गर्मी और निर्जलीकरण के संकेत हो सकते हैं। विशेषकर वृद्ध, बच्चे और पूर्व से बीमार लोग ज्यादा ध्यान रखें।

डब्ल्यूएचओ ने कुछ सरल बचाव उपाय साझा किए हैं - जैसे ही लक्षण अनुभव हों, तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर जाएं। शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। बाहर जाते समय हल्के रंग के व ढीले कपड़े पहनें और सिर को ढकें। विशेषकर सूती कपड़े का उपयोग करें। दोपहर की तीव्र गर्मी, यानी 12 से 4 बजे के बीच, बाहर निकलने से बचें।

सरकार लगातार लोगों से अनुरोध कर रही है कि वे अपने और अपने परिवार के गर्मी से बचाव के कदम उठाएं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर सावधानी बरतने से गंभीर गर्मी से संबंधित बीमारियों जैसे हीट स्ट्रोक से बचा जा सकता है। पूरे देश के कई क्षेत्रों में दिन का तापमान ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच रहा है, जिससे श्रमिकों, किसानों और छोटे बच्चों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ रहा है।