वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों के अनुरूप संसाधन जुटाने की आवश्यकता: भट्टी विक्रमार्क मल्लू

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों के अनुरूप संसाधन जुटाने की आवश्यकता: भट्टी विक्रमार्क मल्लू

हैदराबाद, 22 मई। उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों को मौजूदा वित्त वर्ष के बजटीय जरूरतों के अनुरूप अतिरिक्त राजस्व स्रोतों की खोज पर ध्यान देने की सलाह दी। उनके नेतृत्व में, शुक्रवार को डॉ. बीआर अंबेडकर सचिवालय में 'संसाधन जुटाने से संबंधित कैबिनेट उप-समिति' की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी और सूचना एवं उद्योग मंत्री दुद्दिला श्रीधर बाबू भी शामिल हुए।

बैठक में मौजूद मंत्रियों और अधिकारियों ने राज्य में नए राजस्व स्रोतों की पहचान और विभिन्न विभागों की प्रगति पर गहन चर्चा की। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संसाधन जुटाने का कार्य वित्त वर्ष 2026-27 के बजट श्रोतों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सभी संभावित राजस्व स्रोतों का सही ढंग से उपयोग करें और खर्चों में अनियमितता से बचें।

उन्होंने आगे कहा कि सभी विभागों को तय समय-सीमा के अनुसार राजस्व बढ़ाने की दिशा में कठोरता से कार्य करना होगा। साप्ताहिक समीक्षा के महत्व पर बल देते हुए, उन्होंने कहा कि सभी वरिष्ठ अधिकारियों का हर शुक्रवार को बैठक में उपस्थिति अनिवार्य होगी, जबकि अपरिहार्य परिस्थितियों में वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हो सकते हैं।

मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के खजाने को क्षति पहुंचाने वाली अवैधानिक गतिविधियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाए।

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य मंत्रिपरिषद के निर्देशानुसार, जमीन के संशोधित बाजार मूल्य 28 मई से पूरे राज्य में लागू होंगे, जिससे पंजीकरण विभाग के राजस्व में काफी वृद्धि की उम्मीद की जा रही है। इसके अलावा, उद्योग विभाग से संबंधित 'एचआईएलटी नीति दिशानिर्देश' को अंतिम रूप दे दिया गया है और संबंधित आदेश जल्द ही जारी किए जाएंगे।

इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में नगर प्रशासन एवं शहरी विकास, हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण, उद्योग, पंजीकरण, खनन, राजस्व तथा परिवहन सहित प्रमुख विभागों में संसाधन जुटाने की प्रगति और भविष्य के राजस्व लक्ष्यों पर चर्चा की गई।

बैठक में मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव, आर एंड बी के विशेष मुख्य सचिव विकास राज, वित्त के प्रधान सचिव संदीप कुमार सुल्तानिया, खान के प्रधान सचिव श्रीधर, राजस्व सचिव लोकेश कुमार, टीजीआईआईसी के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक शशांक, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।