दिल्ली, 24 मई। विश्व योग दिवस 2026 अब केवल 29 दिन दूर है। स्वस्थ भारत अभियान के अंतर्गत, भारत सरकार का आयुष मंत्रालय लोगों से लगातार यह अनुरोध कर रहा है कि वे योगासन को अपनी दैनिक गतिविधियों में शामिल करें, जो न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक कठिनाइयों के समाधान में भी सहायक है। इसी संदर्भ में मंत्रालय ने 'चालन' क्रियाओं के अभ्यास के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की है।
आयुष मंत्रालय ने योग साधना की शुरुआत ‘चालन क्रियाओं’ से करने की सिफारिश की है, जो शरीर को ढीला करने वाले मूलभूत अभ्यास हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, चालन क्रियाएं शरीर में लचीलापन लाने, जोड़ों की गतिशीलता बढ़ाने और रक्त प्रवाह में सुधार करने में सहायता करती हैं। इन अभ्यासों के जरिए सूक्ष्म रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे योगासन के लिए शरीर तैयार हो जाता है। मंत्रालय ने विशेष रूप से गर्दन की चालन क्रियाओं पर विस्तार से जानकारी दी है।
गर्दन की चालन क्रियाएं इस प्रकार की जा सकती हैं: गर्दन को आगे और पीछे झुकाना। सावधान मुद्रा में खड़े हों, पैरों को थोड़ा दूर रखें और हाथों को कमर पर रखें। सांस छोड़ते हुए गर्दन को धीरे से आगे झुकाएं और ठुड्डी को छाती के करीब लाने का प्रयास करें। सांस लेते समय गर्दन को आरामदायक स्थिति में पीछे ले जाएं और फिर सामान्य स्थिति में वापस लाएं।
गर्दन को दाईं और बाईं ओर झुकाना: सांस छोड़ते हुए गर्दन को दाईं ओर झुकाएं, ताकि कान कंधे के करीब आ सके। सांस लेते हुए पुनः बीच में लाएं। इसी प्रक्रिया को बाईं ओर भी दोहराएं।
गर्दन को दाईं और बाईं ओर घुमाना: सांस छोड़ते हुए गर्दन को दाईं ओर घुमाएं ताकि ठुड्डी कंधे के समानांतर आ जाए। सांस लेते हुए वापस केंद्र में लाएं। फिर बाईं ओर घुमाएं।
गर्दन का चक्राकार घुमाव: गर्दन को आगे झुकाकर ठुड्डी को छाती से लगाएं। फिर सांस लेते हुए गर्दन को घड़ी की दिशा (क्लॉकवाइज) में घुमाएं। नीचे लाते समय सांस छोड़ें। इसके बाद विपरीत दिशा (एंटी-क्लॉकवाइज) में भी घुमाएं। इस दौरान गर्दन के जोड़ों और मांसपेशियों में खिंचाव महसूस करें।
मंत्रालय का कहना है कि नियमित रूप से चालन क्रियाएं करने से शरीर तनावमुक्त रहता है, लचीलापन बढ़ता है और योगासन करना भी आसान हो जाता है। हालांकि, यह चेतावनी दी गई है कि जिन व्यक्तियों को गर्दन में दर्द, स्पॉन्डिलाइटिस या अन्य समस्याएं हैं, उन्हें यह अभ्यास करने से पहले उचित सलाह लेनी चाहिए और बेहद सावधानी बरतनी चाहिए।