विक्रमशिला सेतु पर 170 फीट लंबा बेली ब्रिज उद्घाटित, जल्द शुरू होगी यातायात सेवा

विक्रमशिला सेतु पर 170 फीट लंबा बेली ब्रिज उद्घाटित, जल्द शुरू होगी यातायात सेवा

पटना, 21 मई। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर 170 फीट लंबा बेली ब्रिज सफलतापूर्वक निर्माण करके शुरू कर दिया है। इस अस्थायी पुल के अंर्तगत हल्के वाहनों और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही जल्द ही प्रारंभ होने की आशा है।

विक्रमशिला सेतु गंगा नदी पर 4.88 किलोमीटर लंबा एक प्रमुख पुल है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-33 और राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को आपस में जोड़ता है। यह पुल भागलपुर और उसके आस-पास के इलाकों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन का साधन माना जाता है। हाल ही में इस पुल का 34 मीटर लंबा नेविगेशनल भाग क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके चलते यातायात में बाधा उत्पन्न हो गई। इससे लोगों की आवाजाही और आवश्यक सेवाओं के वितरण पर गंभीर प्रभाव पड़ा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने रक्षा मंत्रालय से त्वरित सहायता की अपील की थी। इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने पुल की मरम्मत और वैकल्पिक समाधान की जिम्मेदारी सीमा सड़क संगठन को सौंपी। बीआरओ ने तात्कालिकता के तहत कार्य करते हुए बहुत कम समय में 170 फीट लंबा बेली ब्रिज तैयार किया।

बीआरओ की ‘प्रोजेक्ट स्वस्तिक’ निर्माण टीम ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को तेजी से संपन्न किया। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में तैयार किए गए पुल के अलावा विक्रमशिला सेतु के अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों पर दो और बेली ब्रिज जल्द स्थापित किए जाएंगे। इन पुलों के निर्माण से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क फिर से स्थापित होने में सहायता मिलेगी।

सीमा सड़क संगठन के अतिरिक्त महानिदेशक (पूर्वी क्षेत्र) जितेंद्र प्रसाद ने 20 मई को पुल स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गति पर संतोष व्यक्त किया और राज्य प्रशासन को आश्वासन दिया कि बाकी दो पुलों का निर्माण भी शीघ्र पूर्ण किया जाएगा। निरीक्षण से पहले उन्होंने पटना में सड़क निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के साथ एक बैठक भी की, जिसमें बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य प्रशासन ने समय पर सहायता और त्वरित निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए सीमा सड़क संगठन का आभार व्यक्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि कनेक्टिविटी बहाल होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति फिर से सामान्य रूप से जारी हो सकेगी। यह उपलब्धि एक बार फिर दिखाती है कि सीमा सड़क संगठन आपातकालीन स्थितियों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम है।