विजय माल्या ने दावा किया है कि वह भारत आने से इनकार नहीं कर रहे हैं। उनके हिसाब से वह साल 1992 से यूनाइटेड किंगडम के परमानेंट रेजिडेंट हैं और फिलहाल कानूनी कारणों से ब्रिटेन छोड़ नहीं सकते। इसके उलट उनका दावा है कि उनसे तय रकम से ज्यादा पैसा वसूला गया है। माल्या के मुताबिक, 19 जनवरी 2017 तक उन पर करीब 10,230.58 करोड़ रुपये का कर्ज था। वहीं, 2 फरवरी 2021 तक उनकी करीब 14,131.60 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। माल्या का दावा है कि इस हिसाब से उनसे करीब 3,901 करोड़ रुपये ज्यादा वसूले गए। उन्होंने ब्याज जोड़कर सरकार से 6,722.86 करोड़ रुपये रिफंड करने की मांग की है।

ED के लिखित बयान का दिया हवाला

विजय माल्या ने बॉम्बे हाई कोर्ट में ED की ओर से दाखिल किए गए एक लिखित बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि लिखित बयान में साल 2021 तक करीब 14,131.60 करोड़ रुपये की रिकवरी दिखाई गई है। माल्या का कहना है कि इसके बावजूद उन्हें लगातार ऐसे व्यक्ति के तौर पर पेश किया जाता है, जिसने बैंकों के साथ धोखाधड़ी की। उन्होंने दावा किया कि ED ने उनकी जब्त की गई संपत्तियों से किंगफिशर एयरलाइंस के कर्मचारियों को 350 करोड़ रुपये से ज्यादा दिए थे।

क्या है पूरा मामला?

विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों का हजारों करोड़ रुपये का कर्ज था। कर्ज नहीं चुकाने के मामले में CBI ने केस दर्ज किया था। इसके बाद माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए। ED ने माल्या और किंगफिशर एयरलाइंस के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज किया। जनवरी 2019 में उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया। सरकार की ओर से उनकी कई संपत्तियां अटैच की गईं। बाद में इन संपत्तियों की बिक्री से मिली रकम बैंकों को लौटाई गई। अब माल्या का कहना है कि जब बैंकों की रकम वापस मिल चुकी है, तो उन्हें अब भी भगोड़ा और धोखेबाज क्यों कहा जा रहा है। उन्होंने सरकार से अपने हिसाब के मुताबिक रकम वापस करने की मांग की है।