वाशु भगनानी ने रमेश तौरानी के बयान को किया खारिज, कहा- सच बदलने वाली नहीं है कैमरे के सामने की बातें

वाशु भगनानी ने रमेश तौरानी के बयान को किया खारिज, कहा- सच बदलने वाली नहीं है कैमरे के सामने की बातें

मुंबई, 23 मई। फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' इस समय एक बड़े झगड़े के कारण चर्चा में है। हाल के कुछ दिनों से निर्माता वाशु भगनानी और टिप्स इंडस्ट्रीज के प्रमुख रमेश तौरानी के बीच चल रहे विवाद पर लोग बातें कर रहे हैं। यह मामला अब न्यायालय तक पहुंच चुका है और दोनों पक्ष अपनी बातों को स्पष्ट करते नजर आ रहे हैं। शनिवार को फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के अवसर पर, रमेश तौरानी ने कहा कि उनके और वाशु भगनानी के बीच का विवाद अब सुलझ गया है, लेकिन वाशु भगनानी ने इस बात को पूरी तरह से अस्वीकार करते हुए कहा कि अभी तक उनके बीच कुछ भी तय नहीं हुआ है और मामला अदालत में है।

वाशु भगनानी ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, "केवल कैमरे के सामने यह कह देने से कि सब ठीक है, वह सच नहीं बदलता। मामला अब भी समाप्त नहीं हुआ है और कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। जब कोई मामला न्यायालय में हो, तो सार्वजनिक रूप से यह कहना कि सब सुलझ गया है, गलत संकेत देता है।"

निर्माता ने आगे कहा, "मैंने रिश्तों की गरिमा को बनाए रखने के लिए वर्षों तक चुप्पी साधी। मैं नहीं चाहता था कि बात मीडिया तक पहुंचे या विवाद बढ़े, लेकिन अब मुझे लगता है कि अगर मैं अपनी बात नहीं कहूंगा तो मेरे श्रम और अधिकारों को नजरअंदाज कर दिया जाएगा। मैं अब अपने अधिकारों के लिए स्पष्ट रूप से बोलूंगा और उन सभी निर्माताओं के लिए भी आवाज उठाऊंगा जिन्हें अक्सर हल्के में लिया जाता है।"

असल में, यह विवाद कुछ दिन पहले शुरू हुआ था जब वाशु भगनानी ने टिप्स इंडस्ट्रीज और उससे जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी फिल्मों के रचनात्मक अधिकारों का उपयोग उनकी अनुमति के बिना किया गया। इस विवाद में उनकी प्रसिद्ध फिल्म 'बीवी नंबर 1' का भी जिक्र हुआ है।

वाशु भगनानी का मानना है कि किसी भी निर्माता का काम और प्रयास उसकी पहचान होते हैं और उनका उपयोग बिना अनुमति के नहीं किया जाना चाहिए।

इस मामले में वाशु भगनानी ने 23 मई को एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह मामला केवल पैसों का नहीं, बल्कि सिद्धांतों और नैतिकता का है। फिल्म इंडस्ट्री रिश्तों और विश्वास पर आधारित है, लेकिन जब विश्वास टूटता है तो दुख बढ़ जाता है। एक निर्माता अपनी फिल्म में केवल धन नहीं, बल्कि अपनी भावना और वर्षों की मेहनत भी लगाता है।

वहीं, ट्रेलर लॉन्च के दौरान जब रमेश तौरानी से इस विवाद के बारे में पूछताछ की गई, तो उन्होंने कहा कि कोई मुश्किल नहीं है और सभी मुद्दे सुलझा लिए गए हैं।