भारतीय सेना के उत्तरी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के साथ सुंदरबनी क्षेत्र की अग्रिम चौकियों का निरीक्षण किया। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने वहां की सुरक्षा स्थिति और ऑपरेशनल तैयारियों का गहराई से मूल्यांकन किया।
वे सीमा पर तैनात सैनिकों की सतर्कता, सामरिक स्थिति और किसी भी चुनौती का सामना करने की क्षमताओं की समीक्षा कर रहे थे। लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों से संवाद किया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में जवानों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिकों का अनुभव और अनुशासन देश की सुरक्षा को सुदृढ़ बनाता है। लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने जवानों को बदलते युद्ध परिदृश्य और आधुनिक सुरक्षा खतरों को देखते हुए नई तकनीकों को जल्दी अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि आधुनिक युद्धक्षेत्र में तकनीकी कौशल और त्वरित अनुकूलन क्षमता अत्यंत आवश्यक है, इसलिए जवानों को हमेशा अपने कौशल को सुधारते रहना चाहिए और युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने अग्रिम मोर्चों पर तैनात सैनिकों के उच्च आत्मविश्वास और व्यावसायिक प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना हर स्थिति में राष्ट्र की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सीमाओं की रक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सेना और बीएसएफ के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त सतर्कता राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।