उत्तराखंड का पहला भव्य यमुना घाट हरिपुर कालसी में, सीएम धामी के नेतृत्व में तेजी से चल रहा निर्माण

उत्तराखंड का पहला भव्य यमुना घाट हरिपुर कालसी में, सीएम धामी के नेतृत्व में तेजी से चल रहा निर्माण

देहरादून, 21 मई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर कालसी में बन रहे पहले भव्य यमुना घाट का कार्य जुलाई तक पूरा करने के लिए निर्देश दिए हैं। इस महत्वपूर्ण परियोजना का शुभारंभ सीएम धामी ने 2024 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर किया था। यह परियोजना हरिपुर कालसी को धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल के रूप में फिर से स्थापित करने की दिशा में तेजी से प्रगति कर रही है। घाट के निर्माण की निगरानी मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) कर रहा है, जिसे नोडल एजेंसी बनाया गया है।

उत्तराखंड, जो यमुनोत्री धाम के रूप में मां यमुना के उद्गम स्थल के रूप में जाना जाता है, में अब तक ऐसा कोई विकसित घाट नहीं था, जहाँ श्रद्धालु स्नान और धार्मिक अनुष्ठान कर सकें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस आवश्यकता को समझते हुए इसे अपने घोषणाओं में शामिल किया और हरिपुर कालसी में भव्य यमुना घाट के निर्माण का संकल्प लिया।

इस लगभग एक किलोमीटर लंबा घाट उत्तराखंड में यमुना का पहला विशाल घाट होगा, जहाँ हजारों श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।

ऐतिहासिक संदर्भों के अनुसार, हरिपुर यमुना घाट पहले एक प्रमुख धार्मिक तीर्थ स्थल था, जो बाढ़ में नष्ट हो गया था। मुख्यमंत्री धामी ने इस धार्मिक धरोहर को पुनर्जीवित करने के लिए भव्य घाट का निर्माण शुरू किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार हरिपुर यमुना घाट को एक प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यह परियोजना जौनसार-बावर क्षेत्र और मां यमुना में आस्था रखने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक श्रद्धा का केंद्र बनेगी।

सीएम ने बताया कि आगामी बजट में इस परियोजना के लिए वित्तीय प्रावधान किया जाएगा और प्रशासन को जुलाई में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस बीच, हरिपुर यमुन घाट के नजदीक पुराने पुल के पिलर पर 25 फुट ऊँची मां यमुना की प्रतिमा स्थापित करने की योजना भी आरंभ की गई है। इसके साथ ही घाट के पास एक विशाल मंदिर निर्माण के लिए भूमि भी दान में प्राप्त हुई है, जिस पर आगे की योजना बनाई जा रही है।