लखनऊ, 22 मई। उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य वितरण में अनियमितताओं के खिलाफ एक सख्त अभियान शुरू करने का संकेत दिया है। खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा करते हुए कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया कि कालाबाजारी, घटतौली, जमाखोरी, अवैध वसूली और गरीबों के अधिकारों में विघ्न डालने वालों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जेल भेजा जा सकता है। मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सार्वजनिक वितरण व्यवस्था तथा खाद्य वितरण में कोई भी अनियमितता सहन नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों के राशन में हेराफेरी करने वाले, तौल में धांधली करने वाले और सरकारी योजनाओं को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ सरकार कठोर कदम उठाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही, भ्रष्टाचार, शिकायतों की अनदेखी करने या दोषियों को बचाने की स्थिति में उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
दोषी पाए जाने वालों को कोई रियायत नहीं दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य एक पारदर्शी, ईमानदार और जवाबदेह सिस्टम बनाना है, ताकि गरीबों, किसानों, मजदूरों और पात्र लाभार्थियों को उनका हक समय पर मिल सके। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में खाद्य और रसद व्यवस्था को मजबूत और भ्रष्टाचारमुक्त बनाने के लिए एक प्रमुख अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने ये भी दोहराया कि जो लोग गरीबों का हक छीनते हैं, उनके खिलाफ कानून पूरे जोर से कार्य करेगा। इस बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों और गैस आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने ऑयल एजेंसियों को यह निर्देश दिया कि तेल और गैस की खपत को ध्यान में रखते हुए सभी आउटलेट और गैस एजेंसियों में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि बैकलॉग की समस्या उत्पन्न न हो और उपभोक्ताओं को समय पर पेट्रोल, डीजल और गैस उपलब्ध हो सके।