उत्तर प्रदेश में जनहित सर्वोपरि, विद्युत सेवाओं में सुधार की कोशिश: एके शर्मा

उत्तर प्रदेश में जनहित सर्वोपरि, विद्युत सेवाओं में सुधार की कोशिश: एके शर्मा

लखनऊ, 23 मई। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा है कि राज्य में संवेदनशील पावर सबस्टेशनों के लिए पीएसी की तैनाती का कोई आदेश नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग का मुख्य ध्यान जनहित पर है। समाचार एजेंसी से हुई बातचीत में उन्होंने उल्लेख किया कि ऐसी तैनाती की आवश्यकता नहीं है। हमारी विद्युत सेवाएं जनता के कल्याण के लिए हैं, और हम लगातार इन सेवाओं को बेहतर बनाने में जुटे हैं।

बिजली संकट पर समाजवादी पार्टी के आरोपों का जवाब देते हुए एके शर्मा ने कहा, "यदि मैं पिछले दशक के बारे में बात करूं, तो अखिलेश यादव की सरकार को सत्ता से हटे हुए नौ साल हो चुके हैं। इस अवधि में न तो उत्तर प्रदेश में गांवों की संख्या में वृद्धि हुई है, और न ही राज्य का भौगोलिक विस्तार बदला है। फिर भी, हम अब उनके मुकाबले दोगुने उपभोक्ताओं को बिजली मुहैया करा रहे हैं। उनके कार्यकाल में 1.8 करोड़ उपभोक्ता थे, जबकि आज यह आंकड़ा 3.7 करोड़ तक पहुंच गया है।"

उन्होंने आगे बताया कि सपा के शासन में बिजली की पीक डिमांड लगभग 14 हजार मेगावाट थी, जबकि अब यह 30 हजार मेगावाट से अधिक है, यानी हम बिजली की आपूर्ति में ढाई गुना वृद्धि कर चुके हैं।

शर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव को बोलने से पहले अपने कार्यकाल की याद करनी चाहिए, जब कई हफ्तों तक बिजली की कटौती होती थी। गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ती है, और इसके साथ ही बिजली आपूर्ति का प्रबंधन एक चुनौती बनता है। यह समस्या केवल उत्तर प्रदेश में नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी देखने को मिलती है। फिर भी, हम पेशेवर तरीके से बिजली की मांग का प्रबंधन कर रहे हैं।

मंत्री ने विद्युत कर्मियों से अपील की कि किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। कुछ लोग सरकार को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, और ऐसे लोगों को चेतावनी दी है कि उन्हें इसके गंभीर परिणाम भोगने पड़ सकते हैं। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि वह उनकी सेवा में लगातार प्रयास कर रहे हैं।