मैनपुरी, 23 मई। उत्तर प्रदेश में बढती गर्मी का प्रभाव अब बिजली व्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। लगातार बढ़ते तापमान और बिजली की अभूतपूर्व मांग के कारण सिस्टम पर भारी बोझ बढ़ गया है। इस पर प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह ने हालातों की जानकारी साझा की।
जयवीर सिंह ने शनिवार को बातचीत करते हुए बताया कि पूरे उत्तर भारत में तीव्र गर्मी का प्रकोप है और कई स्थानों पर तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के स्तर तक पहुंच गया है। इस कारण बिजली की मांग में अचानक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकार प्रयासरत है कि लोगों को निरंतर बिजली की आपूर्ति मिल सके और किसी प्रकार की तकनीकी खराबी के मामले में त्वरित निवारण किया जाए।
मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ स्थानों पर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने बताया कि कई मामलों में स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही या प्रणाली की कमी के चलते जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और ऐसे मामलों में कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जहां भी गंभीर लापरवाही की घटनाएँ घटित होती हैं, वहां संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कदम उठाए जा रहे हैं और भविष्य में भी ऐसे कदम उठाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी स्थिति में लोग बिजली संकट का सामना न करें।
वहीं, गोंडा में गर्मी के कारण ट्रांसफार्मर गर्म होने लगे हैं। स्थिति को काबू में करने के लिए बिजली विभाग के कर्मचारी ट्रांसफार्मर को पानी के स्प्रे और बड़े पंखों से ठंडा करने की कोशिश कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में बिजली की मांग लगभग 800 मेगावाट तक पहुँच गई है, जो सामान्य स्थितियों से काफी अधिक है। इस बढ़ती मांग के कारण बिजली ढांचे पर भारी दबाव पड़ रहा है और ट्रांसफार्मर के विफल होने का खतरा भी बढ़ गया है।
एक अधिकारी ने बताया कि ट्रांसफार्मर का तापमान सामान्य से काफी अधिक जा रहा है, इसलिए उसकी सुरक्षा के लिए समय-समय पर ठंडा करना आवश्यक हो गया है। यदि किसी ट्रांसफार्मर में समस्या आती है, तो पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से बिजली विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थिति पर नजर रख रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बिजली उपकरणों का उपयोग सावधानी से करें और एक साथ भारी लोड वाले उपकरणों का संचालन न करें।