अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर! समझौता विफल हुआ तो ट्रंप कर सकते हैं बड़ा हमला

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर! समझौता विफल हुआ तो ट्रंप कर सकते हैं बड़ा हमला

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अमेरिकी मीडिया संस्थान “एक्सियोस” की रिपोर्ट के मुताबिक, यदि दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर चल रही अंतिम दौर की बातचीत किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंचती है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर सकते हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ ट्रंप की अहम बैठक

रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार सुबह व्हाइट हाउस में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उपराष्ट्रपति JD Vance, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ और व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि वार्ता विफल रहती है, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ कड़े कदम उठा सकता है।

तेहरान पहुंचे पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर

इसी बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि कतर का एक प्रतिनिधिमंडल भी अंतिम समय में समझौता कराने के प्रयासों में शामिल है। शनिवार को मुनीर की मुलाकात ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के वरिष्ठ कमांडर जनरल अहमद वाहिदी से होने की संभावना है, जो ईरान की रणनीतिक निर्णय प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं।

वार्ता में “मामूली प्रगति”, लेकिन स्थिति अब भी चुनौतीपूर्ण

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान के साथ बातचीत बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। एक अधिकारी ने बताया कि समझौते का मसौदा लगातार दोनों पक्षों के बीच भेजा जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने स्वीडन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि वार्ता में “मामूली प्रगति” जरूर हुई है, लेकिन अभी अंतिम समझौते तक पहुंचना बाकी है।

“ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता” : ट्रंप

व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “ईरान समझौता करना चाहता है। देखते हैं क्या होता है। लेकिन हमने उन्हें कड़ा झटका दिया है और हमारे पास कोई विकल्प नहीं था, क्योंकि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता।” ट्रंप के इस बयान के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।