उमर खालिद को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली तीन दिन की अंतरिम जमानत

उमर खालिद को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली तीन दिन की अंतरिम जमानत

नई दिल्ली, 22 मई। दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के दंगे के मामले में यूएपीए के तहत गिरफ्तार उमर खालिद को तीन दिन की शर्तपूर्ण अंतरिम जमानत प्रदान की है। खालिद ने ट्रायल कोर्ट के उस निर्णय को चुनौती दी थी, जिसमें उसकी जमानत की मांग को अस्वीकृत किया गया था।

शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर खालिद की याचिका पर सुनवाई करते हुए 1 जून से 3 जून तक के लिए अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया। यह निर्णय जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच द्वारा लिया गया।

हालाँकि, कोर्ट ने कुछ शर्तें रखी हैं, जिनके अनुसार खालिद को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दिए गए पते पर ही रहना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि खालिद केवल अपनी मां से मिलने के लिए अस्पताल जा सकते हैं और अन्य स्थानों पर नहीं जा सकते।

कोर्ट ने निर्देश दिया कि खालिद को 1 लाख रुपए की जमानत राशि जमा करनी होगी। इसके अलावा, उमर खालिद को अस्पताल के अलावा किसी अन्य स्थान पर जाने की अनुमति नहीं होगी और उसके पास केवल एक ही मोबाइल नंबर होना चाहिए।

दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में खालिद की जमानत का विरोध किया। एएसजी एसवी राजू ने कहा कि सर्जरी छोटी है और सुझाव दिया कि खालिद को पुलिस सुरक्षा के साथ अपनी मां से मिलने की अनुमति दी जा सकती है।

खालिद ने अपनी बीमार मां की सर्जरी के दौरान उनकी देखभाल करने और अपने चाचा के 'चेहलुम' समारोह में शामिल होने के लिए 15 दिनों की अंतरिम जमानत मांगी थी। उसके चाचा का पिछले महीने निधन हुआ था।

इससे पहले, कड़कड़डुमा कोर्ट ने उमर खालिद को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था।

उमर खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था और उन पर आपराधिक साजिश, दंगा करने, गैर-कानूनी जमावड़ा करने के साथ-साथ यूएपीए के अंतर्गत कई अन्य अपराधों के आरोप लगे हैं। उन्हें इस मामले में अब तक नियमित जमानत नहीं मिल सकी है, जबकि पहले वे अंतरिम जमानत प्राप्त कर चुके हैं।