उमंग सिंघार की मांग: मध्य प्रदेश में पेसा प्रेरकों की सेवाएँ जारी रहें

उमंग सिंघार की मांग: मध्य प्रदेश में पेसा प्रेरकों की सेवाएँ जारी रहें

भोपाल, 21 मई। मध्य प्रदेश विधानसभा के विपक्षी नेता उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह किया है कि पेसा एक्ट के कार्यान्वयन के लिए नियुक्त पेसा प्रेरकों की सेवाएं निरंतर बनी रहें। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में उल्लेख किया कि मध्य प्रदेश में पंचायत अधिनियम अनुसूचित क्षेत्रों पर लागू करने के लिए इन प्रेरकों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने अपने बजट से इनकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

उमंग सिंघार ने कहा कि इस निर्णय का प्रतिकूल प्रभाव आदिवासी जिलों पर पड़ेगा। पत्र में यह भी बताया गया है कि शिवराज सिंह चौहान की सरकार के समय ये प्रेरक नियुक्त किए गए थे और राष्ट्रपति द्वारा इसका औपचारिक शुभारंभ 15 नवंबर 2022 को किया गया था।

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि पेसा एक्ट के प्रभावी कार्यान्वयन और लगभग पांच हजार प्रेरकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी सेवाएं जारी रखने का ठोस कदम उठाया जाए।

सिंघार ने यह भी कहा कि सरकार ने अचानक हजारों प्रेरकों की नौकरियों को समाप्त कर दिया। ये वही प्रेरक थे जो गांवों में जाकर सरकार की योजनाओं के फॉर्म भरते थे, अब वे सभी सरकार की अनदेखी का शिकार हो गए हैं। कई लोगों ने अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए कर्ज लिया होगा और बच्चों के भविष्य के सपने देखे होंगे, लेकिन भाजपा सरकार ने संवेदनहीनता से हजारों परिवारों को संकट में डाल दिया है।

सरकार पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने यह भी पूछा कि क्या सरकार इनकी जगह आरएसएस से जुड़े लोगों की भर्ती करना चाहती है? भाजपा सरकार के लिए ये केवल आंकड़े हो सकते हैं, लेकिन हजारों परिवारों के लिए यह निर्णय उनकी जिंदगी को संकट में डालने वाला है।