ट्विशा शर्मा मामले में न्यायालय का निर्णय, परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की

ट्विशा शर्मा मामले में न्यायालय का निर्णय, परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की

भोपाल, 23 मई। भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में उसके पति को मजिस्ट्रेट अनुदिता गुप्ता की अदालत ने सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस निर्णय पर ट्विशा के भाई ने कहा कि इससे उनके आत्मविश्वास में इजाफा हुआ है, लेकिन उन्होंने मांग की कि मामले की त्वरित जांच सीबीआई को सौंप दी जानी चाहिए। आशीष शर्मा ने बताया कि न्यायपालिका पर उनका भरोसा है और न्यायालय की निष्पक्ष सुनवाई ने परिवार का मनोबल बढ़ाया है। अदालत का फैसला उनके लिए नई आशा का संचार करता है।

आशीष शर्मा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही मामले में सहयोग का आश्वासन दे चुके हैं और अब जल्द से जल्द सीबीआई जांच शुरू होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों ने परिवार को परेशान करने का प्रयास किया और कई तथ्य निराधार तरीके से फैलाए गए। उन्होंने जांच के दौरान उन लोगों की भूमिका को उजागर करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

वहीं उन्होंने पुलिस की प्रारंभिक जांच पर भी सवाल उठाए। आशीष शर्मा का कहना था कि पुलिस की गतिविधियाँ हमेशा पक्षपातपूर्ण रही हैं, लेकिन अब अदालत की देखरेख में चल रही कार्रवाई के कारण परिवार को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा।

दूसरी ओर, ट्विशा शर्मा का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने आरोपित की सात दिन की रिमांड इसलिए मांगी है क्योंकि मामले में जांच के कई महत्वपूर्ण पहलू अभी बाकी हैं। कई ऐसे सवाल हैं जिनके उत्तर केवल आरोपित समर्थ सिंह ही दे सकता है। पुलिस को संदेह है कि इस मामले में और भी तथ्य सामने आ सकते हैं, इसलिए पूछताछ आवश्यक है। साथ ही, आरोपित का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि आरोपित के पास पूरे घर का नियंत्रण था और कई अन्य सबूतों को एकत्र करना पुलिस के लिए अभी बाकी है। उन्होंने ट्विशा की सास को जल्दी जमानत मिलने पर भी सवाल उठाया। उनका तर्क है कि यदि केवल उम्र, कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड न होना और उसी शहर में निवास करना जैसे आधार पर राहत दी जाएगी, तो ऐसे कई मामलों में यह तर्क लागू किया जा सकेगा।

इस बीच, ट्विशा शर्मा की ओर से वकील अंकुर पांडे ने कहा कि आरोपित समर्थ सिंह पिछले दस-बारह दिनों से फरार था। उसने जबलपुर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया और उसके बाद उसे भोपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया। उन्होंने कहा कि ट्विशा की लाश अभी एम्स में है और जांच एजेंसी के सामने कई ऐसे सवाल हैं जिनका अभी जवाब मिलना बाकी है। इसी कारण अदालत ने सात दिन की रिमांड दी है।