ट्विशा शर्मा मामले में दूसरी बार पोस्टमार्टम, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

ट्विशा शर्मा मामले में दूसरी बार पोस्टमार्टम, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

भोपाल, 24 मई। ट्विशा शर्मा की मृत्यु से संबंधित जांच के तहत, रविवार को एम्स भोपाल में कड़ी सुरक्षा के बीच शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया जा रहा है। यह प्रक्रिया एम्स दिल्ली की एक विशेष फोरेंसिक टीम द्वारा की जा रही है, जिसकी अगुवाई डॉ. सुधीर गुप्ता कर रहे हैं। यह टीम शनिवार शाम को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विशेष रूप से भेजे गए विमान से भोपाल पहुंची थी।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, एम्स दिल्ली के निदेशक की निगरानी में चार सदस्यीय चिकित्सीय बोर्ड द्वारा शव का पुन: पोस्टमार्टम किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जा रही है।

ट्विशा शर्मा, जो उत्तर प्रदेश के नोएडा की निवासी थीं, 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई पाई गई थीं। उनकी शादी लगभग पांच महीने पहले वकील समर्थ सिंह से हुई थी। ट्विशा के परिवार ने उनके पति और सास पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है, यह कहते हुए कि उन्होंने दहेज के लिए उन्हें गंभीरता से प्रताड़ित किया। परिवार ने शव के दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी।

ट्विशा के पति, समर्थ सिंह, जो इस समय फरार थे, हाल ही में आत्मसमर्पण कर चुके हैं और उन्हें पुलिस रिमांड पर सात दिनों के लिए रखा गया है। समर्थ की मां गिरिबाला सिंह की भूमिका भी जांच में शामिल की गई है।

सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे 'ससुराल में हुई अप्राकृतिक मौतों के मामलों में कथित संस्थागत पक्षपात और प्रक्रियागत विसंगतियों' के तहत दर्ज किया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में एक बेंच 25 मई को इस मामले की सुनवाई करेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का महत्व इस बात को स्पष्ट करने में होगा कि ट्विशा की मृत्यु आत्महत्या थी या हत्या। मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले कहा था कि एक निष्पक्ष जांच के जरिए सच्चाई सामने आएगी।