जबलपुर, 22 मई। ट्विशा शर्मा केस में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। आरोपी समर्थ सिंह के वकील ने अग्रिम जमानत याचिका वापस लेने का निर्णय लिया। इस बीच, हाईकोर्ट ने फिर से पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दी है, जिसमें दिल्ली एम्स के डॉक्टर्स भोपाल आकर जांच करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, समर्थ सिंह के वकील ने अदालत को सूचित किया कि उनका मुवक्किल निचली अदालत में आत्मसमर्पण के लिए तैयार है। इस बयान के साथ ही अदालत ने दूसरे पोस्टमार्टम के आवेदन पर ध्यान केंद्रित किया।
जज ने समय की अहमियत को समझते हुए कहा कि दूसरे पोस्टमार्टम की मांग पर प्राथमिकता से सुनवाई होनी चाहिए। इस मुद्दे पर कोर्ट में गरमागरम चर्चा हुई।
याचिकाकर्ता ने दोबारा पोस्टमार्टम की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि आरोपी के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि पहले पोस्टमार्टम में सब कुछ स्पष्ट है और दोबारा करना चिकित्सा पेशे का अपमान है।
उन्होंने कहा कि यह मांग जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाने और डॉक्टरों की क्षमता पर संदेह व्यक्त करने के समान है। हालाँकि, लंबी बहस के पश्चात कोर्ट ने दूसरे पोस्टमार्टम पर सहमत हो गया।
हाईकोर्ट में उपस्थित वकील ने जानकारी दी कि कोर्ट ने ट्विशा शर्मा के शव का पुनः पोस्टमार्टम करने की अनुमति दी है, साथ ही उनके शव को एम्स भोपाल में सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली एम्स के डॉक्टर भोपाल में ट्विशा के शव का पोस्टमार्टम करेंगे।
सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने अदालत में कहा कि दोबारा पोस्टमार्टम पर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है।
वहीं, समर्थ सिंह के वकील ने पहले अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसे अब वापस ले लिया गया है।
वकील ने कहा कि समर्थ सिंह भोपाल जिला अदालत में आत्मसमर्पण करेगा। दूसरी ओर, गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत को रद्द करने के लिए दायर याचिका सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई है। इसके लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं।
गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा 12 मई की रात अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। पुलिस के अनुसार, उन्हें कथित तौर पर 12 मई की रात लगभग 10:26 बजे घर की छत पर जिम्नास्टिक रिंग की रस्सी से लटका हुआ पाया गया था। उनका पोस्टमार्टम 13 मई को एम्स भोपाल के फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी विभाग में किया गया, जिसमें रस्सी से फांसी लगाने को मौत का कारण बताया गया था।